CMS VATAVARAN रांची ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ, पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष बल
रांची के ऑड्रे हाउस में CMS VATAVARAN रांची ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत हुई.


Published : February 12, 2026 at 3:17 PM IST
रांची: ऑड्रे हाउस, राँची में “CMS VATAVARAN रांची ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल” का विधिवत शुभारंभ हुआ. पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित इस फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न फिल्मों के माध्यम से प्रकृति, जैव-विविधता, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर केंद्रित संदेश प्रस्तुत किए जा रहे हैं. आयोजन का उद्देश्य समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना है.
फेस्टिवल का इस वर्ष का विषय “Roots & Renewal: Indigenous Knowledge, Youth Voices, Planetary Stewardship” रखा गया है, जो पारंपरिक ज्ञान, युवाओं की भूमिका और पृथ्वी के संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित करता है. कार्यक्रम में विद्यार्थियों, पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही. फिल्मों के माध्यम से पर्यावरणीय चुनौतियों और उनके समाधान पर सार्थक संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है.

इस अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि “Roots & Renewal” विषय अत्यंत सार्थक और समयानुकूल है. उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए ही हम पृथ्वी के भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देना समय की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त साधन हैं. दृश्य-श्रव्य माध्यम का प्रभाव गहरा होता है और जब पर्यावरण जैसे गंभीर विषयों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया जाता है, तो वे समाज के मन-मस्तिष्क पर स्थायी प्रभाव छोड़ते हैं.
राज्यपाल ने झारखंड की जनजातीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की जीवन-पद्धति प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण है. जैव-विविधता के संरक्षण की भावना हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा रही है. इन परंपरागत ज्ञान प्रणालियों का संरक्षण एवं प्रलेखन आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी उनसे प्रेरणा ले सकें.

उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है. राज्य का बड़ा भू-भाग वनाच्छादित है, जो पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. खनिज संपदा राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार है, ऐसे में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. सतत विकास की अवधारणा इसी संतुलन पर आधारित है.
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए “Mission LiFE – Lifestyle for Environment” का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी जीवनशैली अपनानी चाहिए. “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” का मंत्र सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें.

राज्यपाल ने आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों, सहयोगी संस्थानों एवं प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह फिल्म फेस्टिवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जन-जागरूकता का प्रभावी मंच सिद्ध होगा.
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