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बाराबंकी में सीएम योगी ने किया किसान पाठशाला का शुभारंभ, अन्नदाताओं को नई कृषि सुविधाओं-योजनाओं की मिली सौगात

योगी ने कहा, आज प्रदेश के अंदर 79 कृषि विज्ञान केंद्र सक्रिय हैं, जिसमें कई तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य कर रहें.

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रबी सत्र की 8वीं किसान पाठशाला का शुभारंभ करने पहुंचे सीएम योगी. (Photo Credit; CM X HANDLE)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : December 12, 2025 at 5:34 PM IST

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Updated : December 12, 2025 at 7:22 PM IST

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बाराबंकी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को बाराबंकी में पद्मश्री से सम्मानित किसान रामसरन वर्मा के फार्म हाउस पर रबी सत्र की 8वीं किसान पाठशाला का शुभारंभ करने पहुंचे. सीएम ने 12 प्रगतिशील किसानों और इकई लाभार्थी किसानों का सम्मान किया.

इस मौके पर योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महज 11 फीसदी भूमि ही खेती योग्य है, लेकिन देश के खाद्यान्न की आपूर्ति अकेले यूपी 21 फीसदी करता है. और ये सम्भव हो पाया, पीएम मोदी के विजन और बीज से बाजार तक की सुविधा जब किसानों तक पहुंची. यही नहीं बीज से बाजार की दूरी को पाटने के साथ ही धरती माता के स्वास्थ्य और पर्यावरण को सुरक्षा भी प्रदान की गई. उत्तर प्रदेश ने पिछले 8 सालों में कृषि विकास की दर को 8.6% से बढ़ाकर 17.7% पहुंचाया है. वहीं गेंहू उत्पादन में 35 प्रतिशत योगदान यूपी दे रहा है, जो देश में प्रथम है. तकनीक और अच्छी किस्म का बीज किसानों को उपलब्ध हों, इसके लिए प्रदेश में लगातार कार्य हो रहे हैं.

योगी ने कहा, पिछले 8 सालों में हम लोगों ने गन्ना किसानों को ₹2 लाख 92 हजार करोड़ से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया है. उन्होंने कहा 2017 से पहले लागत अधिक थी और अन्नदाता किसानों को लाभ कम होता था. सिंचाई परियोजनाओं की रफ्तार अत्यंत धीमी थी, बिचौलियों का वर्चस्व बना था. आज डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी भुगतान हो रहा है, बिचौलिया मुक्त खाद्यान खरीद की व्यवस्था है.

सीएम ने कहा कि आज प्रदेश के अंदर 79 कृषि विज्ञान केंद्र सक्रिय हैं, जिसमें कई कृषि विज्ञान केंद्र तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य कर रहे हैं. साथ ही बुंदेलखंड के जनपद पहले जल, सिंचाई के लिए तरसते थे. आज पर्याप्त मात्रा में वहां जल संसाधन उपलब्ध है, और अन्नदाता किसान इन सुविधाओं का लाभ भी ले रहे हैं. इसके साथ ही ODOP, SSG, ड्रोन दीदीयां ये सभी रोजगार के प्रदेश में सशक्त माध्यम बनें हैं.

बाराबंकी का किसान पहनता है सवा लाख रुपये का चश्मा: बाराबंकी के किसान रामसरन खेती की बदौलत मालामाल हैं. वो सवा लाख रुपये का चश्मा पहनते हैं. यही नहीं साल में 50 हजार रुपये से ज्यादा का हवाई सफर भी करते हैं. रामसरन के पास आज बेहतरीन फार्म हाउस है. घर में सभी सुख सुविधाएं हैं. रामसरन 300 एकड़ में सहकारिता आधारित खेती कराते हैं. 2019 में इन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा जा चुका है. उन्होंने टिशू कल्चर से जिले में पहली बार केले की खेती कर सबको हैरान कर दिया था.

इसके बाद रामसरन ने टमाटर, आलू, शिमला मिर्च, स्ट्राबेरी जैसी नकदी खेती कर दिनों दिन तरक्की करते गए. सरकार की योजनाओं का इन्होंने पूरा लाभ उठाया. हरख ब्लॉक के दौलतपुर के रहने वाले रामसरन वर्मा कहते हैं कि किसानों को ऐसी खेती करनी चाहिए जिसकी बाज़ारों में मांग हो.रामसरन कहते हैं कि परम्परागत खेती के साथ साथ नकदी खेती करके खासा मुनाफा कमाया जा सकता है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामसरन का एग्रो फार्म देखा.

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Last Updated : December 12, 2025 at 7:22 PM IST