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भारत सबसे युवा राष्ट्र, 56 फीसदी आबादी कामकाजी; दीक्षांत समारोह में CM योगी ने छात्रों को दिए सफलता के टिप्स

बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय लखनऊ के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विद्यार्थियों को दिए मेडल और डिग्री

बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह.
बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह. (CM Media Cell)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : November 17, 2025 at 5:37 PM IST

7 Min Read
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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय (बीबीडी) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और छात्रों को ‘शिक्षक’ के रूप में रास्ता दिखाया. सीएम ने युवाओं को हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है जीवन में सफलता के दो ही मार्ग हैं. समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता प्राप्त होगी. समस्या को बार-बार गिनाते रहेंगे तो सफल नहीं हो सकते. समस्या की बजाय समाधान पर ध्यान दीजिए.

अडिग होकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता कदम चूमेगीः सीएम ने कहा कि सभी लोग मिलकर जब सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो समाधान मिलेगा. जीवन में सदा नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है. अलग-अलग सेक्टरों में हमें नए अवसरों को ढूंढने का प्रयास करना चाहिए. कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है, बल्कि योग्य योजक चाहिए. संस्थान, बॉस, आचार्य, अभिभावक और व्यक्ति भावी पीढ़ी के लिए योजक बन सकते हैं. जीवन में धैर्य, संतुलन खोए बिना अडिग होकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता कदम चूमेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीक्षांत समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास, विश्वविद्यालय के रचनाकार पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास गुप्ता को भी याद किया.

जब दुनिया का अनुसरण किया तो ताकत कम हो गईः सीएम योगी ने कहा कि यह केवल दीक्षांत समारोह नहीं है बल्कि इंडियाज ट्रांसफॉर्मिंग जनरेशन का एक उदाहरण भी है. जो विद्यार्थी उपाधि प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में उनके विजनरी लीडरशिप में देश-प्रदेश नई गति प्राप्त करेगा. सीएम ने कहा कि हम जो करते थे, दुनिया उसका अनुसरण करती थी. जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई. बाबू बनारसी दास के संघर्षों, आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उनके योगदान और स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश कैसा बनना चाहिए, इस पर उनके प्रयास की भी चर्चा की. उप्र के मुख्यमंत्री के रूप में जिन भी कार्ययोजनाओं को बढ़ाने में सफल होते हैं, उनमें कहीं न कहीं भाव इन्हीं विभूतियों के छिपे होते हैं. बाबू बनारसी दास ने उस समय यूपी के बारे में सोचा था, हमें उत्तर प्रदेश में उन्हें मूर्त रूप प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है.

10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया अनुगमन करेगीः योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह केवल रूटीन की डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं है. इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के नए हब के रूप में बीबीडी को स्थापित करने के लिए नया प्रयास प्रारंभ हुआ है. दुनिया तकनीक को तेजी से अपना रही है. दुनिया जहां जा रही है, हम उससे 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया हमारा अनुगमन करने को मजबूर होगी. सीएम योगी ने 2014 के पहले व बाद में देश के प्रति आई धारणा का जिक्र किया. कहा, लोगों की हताशा व निराशा को आशा व उत्साह में भरने का कार्य 2014 के बाद देखने को मिला. भारत सबसे युवा राष्ट्रः सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे युवा राष्ट्र है. यहां 56 फीसदी आबादी कामकाजी है. उनके सपनों को उड़ान देने के लिए संस्थानों को तैयार होना है. लखनऊ में बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय दिखता है. हमें उस दिशा में आगे कार्य करना होगा. रोबोटिक में भारत ने लंबी छलांग लगाई है. टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कार्य हो रहा. इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट को भी इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाना होगा. युवाओं, किसानों, श्रमिकों समेत अलग-अलग सेक्टर से जुड़े लोगों की उपयोगिता पर बल दिया.


सीएम ने सीवर की सफाई करने वाले सफाईकर्मियों की परेशानी का जिक्र किया और जनहानि रोकने के लिए रोबोटिक के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन किया है. हम दुनिया में कहीं जाते हैं तो वहां के नियमों का पालन करते हैं, लेकिन अपने देश में ऐसा नहीं करते. सीएम ने ट्रैफिक सेंस व सिविक सेंस की उपयोगिता पर भी बल दिया.

जनसहभागिता के बिना कोई भी स्कीम सफल नहींः सीएम योगी ने कहा कि लोग कहते थे कि यूपी नहीं सुधर सकता. भारत सरकार के आंकड़ों में यूपी बॉटम-5 में रहता था. 2017 में जब सत्ता मिली तो सोचा कि यूपी टॉप-थ्री में क्यों नहीं आ सकता. हमने मंत्रियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और कहा कि कोई भी स्कीम तब तक सफल नहीं होगी, जब तक जनसहभागिता नहीं होगी. आप आमजन से संवाद कीजिए. परिणाम स्वरूप यूपी आज भारत सरकार की हर स्किम में टॉप- थ्री में है.

यूपी की गिनती टॉप अचीवर स्टेट मेंः सीएम योगी ने कहा कि 1950 में भारत की अर्थव्यवस्था में यूपी का शेयर 14 फीसदी थी. 2017 में भारत की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 8 फीसदी से कम रह गया था. हम सत्ता में आए तो कहा कि जब व्यक्ति सुरक्षित नहीं तो पूंजी कैसी सुरक्षित रहेगी. हर किसी को सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए और हमने यह गारंटी ली. हमने मात्र दो वर्ष में यूपी को नंबर-2 पर पहुंचाया. आज यूपी की गिनती टॉप अचीवर स्टेट के रूप में होती है.

सीएम ने कहा कि अखिलेश दास ने अपनी क्षमता से 100 एकड़ में विश्वविद्यालय बनाया, लेकिन आज प्राइवेट निवेशक के लिए यह असंभव है. उस समय सरकार के चहेतों के लिए 10 एकड़ में भी विश्वविद्यालय की अनुमति दी गई. हमने 33 सेक्टोरियल पॉलिसी बनाई और कहा कि सरकार की पॉलिसी समान होनी चाहिए. लैंडबैंक हमारा, आप पॉलिसी देखकर निवेश कीजिए, सरकार सुरक्षा व गारंटी देगी.

टेक्नोलाजी जॉब कट नहीं करताः सीएम योगी ने कहा कि यूपी ने आज खुद को एआई, डाटा सेंटर, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (रोबोटिक ड्रोन टेक्नोलॉजी) के रूप में स्थापित किया है. उन्होंने विश्वविद्यालय से अपील की कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी को पार्ट बनाएं. शार्ट टर्म, सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा कोर्स प्रारंभ करें, ड्रोन-रोबोटिक, आईओटी, एआई में कार्य प्रारंभ करें और अलग-अलग सेक्टर में इसकी उपयोगिता पर जोर दें. टेक्नोलाजी जॉब कट नहीं करता, वह नए अवसर देता है. यह हम पर निर्भर करता है कि हम उसे कैसे भुनाते हैं. 1990 के प्रारंभ में कंप्यूटर का चलन प्रारंभ हुआ तो कई संस्थानों ने कहा कि रोजगार पर प्रहार होगा, लेकिन इससे रोजगार के अवसर बढ़े.

सीएम ने बच्चों को दिए मेडल व डिग्रीः सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान बच्चों को मेडल व डिग्री प्रदान किया. सीएम के हाथों अवार्ड पाने वालों में मुस्कान साहू, पेशवानी शर्मा, सुमि गौर, जीविदा शुक्ला, स्मारिका सक्सेना, इंशा इमरान, मधुलिका, ऋषिता अस्थाना, नैना सिंह, विभव दुबे, पल्लवी राय, नीरज कुमार कुशवाहा, वर्तिका गुप्ता, वैष्णवी यादव, शुभम शुक्ला, वैष्णवी श्रीवास्तव, सारा मेहंदी आदि शामिल रहीं. वहीं डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित होने वालों में मयंक जयपुरिया, अमृता यादव, मंजू भारद्वाज, श्वेता सिंह, ऊषा अरुणिमा, आलोक शरण, समीक्षा गुप्ता, ओजस्विनी पाल, शैलजा पांडेय, नेहा शर्मा, आफरीन हसन, फरहीन आजाद, सारा जैदी, अनुकृति मिश्रा शामिल रहीं.

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