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सीएम योगी बोले- बांटने वाले कभी हितैषी नहीं हो सकते, सत्ता में आए तो अराजकता-दंगों से हर व्यक्ति को झुलसाएंगे

प्रयागराज माघ मेले में पहुंचे सीएम ने मकर संक्रांति व मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों को लेकर अफसरों को दिए दिशा-निर्देश

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सीएम योगी पहुंचे संगम माघ मेला साइबेरियन बर्ड को खिलाया दाना (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 10, 2026 at 1:30 PM IST

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Updated : January 10, 2026 at 9:00 PM IST

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प्रयागराज: तीर्थराज प्रयाग में आयोजित श्रीमद् जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य जी भगवान के 726वें जन्मोत्सव समारोह में भाग लेने सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयागराज पहुंचे. योगी ने पहले संगम स्नान किया. उसके बाद लेटे हनुमान जी का दर्शन किया. इसके बाद घाटों का निरीक्षण कर वह सेतुवा बाबा के शिविर में पहुंचे. इस दौरान सीएम ने समाज को बांटने वाली राजनीति पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग जाति, मत और संप्रदाय के नाम पर विभाजन करते हैं, वे कभी किसी के हितैषी नहीं हो सकते. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे लोग सत्ता में आए तो अराजकता फैलाएंगे, सनातन धर्म पर प्रहार करेंगे और दंगों की आड़ में पूरे समाज को झुलसाने का काम करेंगे.

बता दें, मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम गंगा स्नान कर 3 डुबकी लगाई. योगी ने भगवती भागीरथी से प्रार्थना की है कि सभी श्रद्धालुओं के मनोरथ पूर्ण हों, राष्ट्र-समाज में सद्भाव और समृद्धि का प्रवाह बना रहे तथा चराचर जगत का कल्याण हो. इसके बाद सीएम ने साइबेरियन पक्षियों को दाना भी खिलाया. इस दौरान कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, उनके साथ मौजूद रहे.

बता दें कि योगी माघ मेले में मकर संक्रांति व मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों की हकीकत देखने व समीक्षा करने के लिए खास तौर पर आए हैं. सीएम मेला प्राधिकरण कार्यालय में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.

मेला विकास प्राधिकरण पहुंचकर आगामी मकर संक्रांति मौनी अमावस्या बसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा शिवरात्रि स्नान पर्वों पर तैयारी को लेकर अधिकारियों के साथ सीएम ने बैठक की. वहीं, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, पावन त्रिवेणी में दर्शन पूजन करने के साथ भगवान रामानंद जी के 726 जयंती में शामिल होने का सौभाग्य मिला.

समाज को तोड़ने वालों से सतर्क रहने की जरूरत: मुख्यमंत्री ने कहा कि सेकुलरिज्म के नाम पर समाज को तोड़ने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है. जाति और मत-संप्रदाय के आधार पर विभाजन उसी तरह सर्वनाश की वजह बन सकता है, जैसा आज हम बांग्लादेश में देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार सनातन आस्था को मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध है और बांटने वाली ताकतों को पनपने नहीं दिया जाएगा.

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योगी ने किया संगम स्नान. (Photo Credit; ETV Bharat)

मेला सेवा ऐप काफी मददगार: योगी ने कहा, माघ मेले के आगामी स्नान पर्वों के तैयारी की समीक्षा की गई है. पहले की तुलना में स्नान घाट बढ़ाए गए हैं, सुरक्षा से लेकर अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. मेला सेवा ऐप से भी जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं मुझे विश्वास है कि आपसी समन्वय से पौष पूर्णिमा की तरह आने वाले स्नान पर्व भी सकुशल संपन्न होंगे. मेला प्रशासन पूरी तत्परता से लगा हुआ है.

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दारागंज में जिस स्थल पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य का प्राकट्य हुआ था, वहां भव्य स्मारक और मंदिर का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने संत समाज से एकजुट होकर इस दिशा में पहल करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार हर स्तर पर सहयोग देगी.

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गंगा पूजन-आरती करते सीएम (Photo Credit; ETV Bharat)
प्रयागराज में मिलती है आध्यात्मिक ऊर्जा: योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज केवल तीर्थ नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और ज्ञान की पावन धरा है. महर्षि भारद्वाज और वाल्मीकि जैसी ऋषि परंपराओं से विकसित ये भूमि आज भी देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा देती है. संगम में स्नान कर लोग अपने आधिदैविक, आध्यात्मिक और भौतिक तापों से मुक्ति का संकल्प लेते हैं.
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लेटे हनुमान जी का दर्शन-पूजन करते योगी. (Photo Credit; ETV Bharat)
उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अचानक महान नहीं बनता. ईश्वरीय गुण, दृढ़ इच्छाशक्ति और परमार्थ की दृष्टि ही किसी को महामानव बनाती है. जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने इसी चेतना के साथ समाज को जोड़ा और मत-संप्रदाय के आधार पर बंटवारे का विरोध किया. रामानंदाचार्य ने विभिन्न जातियों से 12 शिष्य बनाकर सामाजिक एकता का उदाहरण प्रस्तुत किया. उनकी परंपरा से निकली धाराएं आज भी समाज को जोड़ने का काम कर रही हैं.माघ मेला व्यवस्था बीते सालों के मुकाबले हुई बेहतर: सीएम ने माघ मेले की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पौष पूर्णिमा पर करीब 31 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया, जबकि पिछले 5-6 दिनों में यह संख्या 1 करोड़ से अधिक हो चुकी है. उन्होंने कहा कि बीते वर्षों की तुलना में आज माघ मेला बेहतर व्यवस्थाओं, स्वच्छ गंगा और सुरक्षित माहौल के साथ आयोजित हो रहा है. कार्यक्रम में संत-महात्माओं ने माघ मेला और महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना की और सनातन परंपरा को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया.

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Last Updated : January 10, 2026 at 9:00 PM IST