भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : सीएम साय
सीएम विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में होने वाले भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने निष्पक्ष परीक्षा कराए जाने पर बल दिया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 5, 2026 at 11:01 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने राज्य में होने वाली विभिन्न परीक्षाओं को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है. उन्होंने महानदी भवन में अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा की है. इस मीटिंग का मेन फोकस राज्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं को सही समय पर कराना है. राज्य में भर्ती परीक्षाओं को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध ढंग से पूरा कराना है.
युवाओं के साथ न हो अन्याय- सीएम साय
सीएम साय ने कहा कि युवा कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, इसलिए शासन की प्रतिबद्धता है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भर्ती परीक्षाओं में ट्रांसपैरेंसी होनी चाहिए. इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली को वर्तमान चुनौतियों के तहत और मजबूत किया जाना चाहिए.
परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी. प्रदेश में परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे- विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़
प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार सख्त
सीएम साय ने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे, इसके लिए पारदर्शिता बढ़ाने संबंधी सभी उपायों पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जाएगा.भर्ती प्रक्रिया में सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस मीटिंग में पुलिस बल सहित विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी समीक्षा की गई.
इस मीटिंग में समान अहर्ता वाले पदों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित किए जाने की वर्तमान व्यवस्था पर भी चर्चा हुई. समान पात्रता वाले पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया. इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि विभागों को समय पर मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सकेगा.
पीएससी की परीक्षा को लेकर भी हुई चर्चा
इस बैठक में पीएससी की परीक्षा प्रणाली को लेकर भी चर्चा हुई. इसे और अधिक समकालीन, पारदर्शी तथा कैंडिडेट फ्रेंडली बनाने पर मंथन हुआ. परीक्षाओं के पाठ्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई है.

