कोरिया जिले के कुशहा गांव में लगी CM साय की चौपाल, छात्रा ने हायर सेकेंडरी स्कूल की रखी मांग, बिजली-सड़क का मुद्दा भी उठा
सुशासन तिहार 2026: आम के पेड़ के नीचे बैठकर मुख्यमंत्री ने सुनी समस्याएं, ग्रामीणों ने की सड़क-बिजली-पानी और स्कूल की मांग, अधिकारियों को दिए निर्देश

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 21, 2026 at 7:50 PM IST
कोरिया: सुशासन तिहार के तहत सीएम साय प्रदेश के दौरे पर हैं. इसी कड़ी में सोनहत विकासखंड के वनांचल ग्राम कुशहा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलीकॉप्टर से पहुंचे. गांव के प्राथमिक स्कूल मैदान में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई. मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का फूलों से स्वागत किया. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में मुख्यमंत्री को करीब से देखने को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया.
आम के पेड़ के नीचे लगी चौपाल
मुख्यमंत्री साय सीधे सुशासन तिहार के कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां गांव के बीच आम के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई गई थी. मुख्यमंत्री जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से बातचीत करते नजर आए. उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी निर्देश दिए.
बच्चों से की पढ़ाई और भविष्य पर चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के बच्चों से मुलाकात के साथ हुई. मुख्यमंत्री ने बच्चों से पढ़ाई, स्कूल की सुविधाओं और उनके सपनों के बारे में पूछा. बच्चों ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं. मुख्यमंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी और कहा कि शिक्षा बेहतर भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है.

छात्रा ने मांगा हायर सेकेंडरी स्कूल
चौपाल के दौरान एक छात्रा ने गांव और आसपास के विद्यार्थियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने की मांग की. छात्रा ने कहा कि आगे की पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे खासकर लड़कियों को परेशानी होती है. मुख्यमंत्री ने छात्रा की मांग पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.
ग्रामीणों ने रखीं बिजली की समस्या
चौपाल में ग्रामीणों ने बिजली की समस्या प्रमुखता से उठाई. लोगों ने बताया कि गांव में बार-बार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की परेशानी बनी रहती है. गर्मी में हालात और खराब हो जाते हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

सड़क नहीं होने से बढ़ती परेशानी
ग्रामीणों ने गांव तक पक्की सड़क बनाने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी. लोगों ने कहा कि बारिश में कच्ची सड़कें कीचड़ में बदल जाती हैं, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी होती है. मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है.
पेयजल संकट भी बना बड़ा मुद्दा
गांव में पानी की कमी का मुद्दा भी चौपाल में उठा. ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी में कई मोहल्लों में पानी की भारी किल्लत हो जाती है और लोगों को दूर से पानी लाना पड़ता है. ग्रामीणों ने स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग की.
अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों से जुड़े आवेदन भी मुख्यमंत्री को सौंपे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों की जांच कर जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पहले सूरजपुर जिले के दौरे पर थे और यहां से चिरमिरी जाएंगे, जहां श्रीराम कथा कार्यक्रम में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार” के जरिए सरकार गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और समाधान का प्रयास कर रही है.

