बिजली निजीकरण से बिलासपुर हिंसा तक, विपक्ष पर CM साय का पलटवार, बोले- कांग्रेस फैला रही भ्रम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिजली निजीकरण की आशंकाओं को खारिज किया, कहा- सुनवाई एक रूटीन प्रक्रिया है, संवादादाता प्रवीण सिंह की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 30, 2026 at 5:02 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ में बिजली के कथित निजीकरण और बिलासपुर हिंसा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. एक ओर सरकार पर जनता के साथ विश्वासघात करने और कानून-व्यवस्था संभालने में नाकाम रहने का आरोप कांग्रेस लगा रही है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों को दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने की राजनीति बताया है. मुख्यमंत्री ने बिजली निजीकरण की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि संबंधित सुनवाई एक रूटीन प्रक्रिया है और इसका अर्थ बिजली व्यवस्था का निजीकरण नहीं है. वहीं बिलासपुर हिंसा को लेकर उन्होंने कहा कि दो लोगों के व्यक्तिगत विवाद से स्थिति बिगड़ी थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं.
बिजली निजीकरण के आरोपों पर CM का जवाब
कांग्रेस का आरोप है कि बिजली के दाम बढ़ाने, 400 यूनिट तक मिलने वाली राहत खत्म करने और स्मार्ट मीटर के नाम पर आम उपभोक्ताओं पर बोझ डालने के बाद अब सरकार बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया था कि मंत्रिमंडल में विद्युत कंपनी के शेयर बेचने का फैसला लेने के बाद अब निजी कंपनियों को बिजली सप्लाई का ठेका देने की तैयारी की जा रही है.
लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा दुष्प्रचार और गलतफहमी में लोगों को डालने का काम करती है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह एक रूटीन सुनवाई है और इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सरकार बिजली का निजीकरण कर रही है.
बिलासपुर हिंसा पर भी सियासी टकराव
उधर, बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद भड़की हिंसा को लेकर भी राजनीति तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार और गृह मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला था. भूपेश बघेल ने कहा था कि जब गृह मंत्री का अपना जिला ही नहीं संभल रहा है, तो सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कार्रवाई करने के बजाय केवल आरोप-प्रत्यारोप में लगी हुई है.
CM साय बोले- व्यक्तिगत विवाद से बिगड़ी थी स्थिति
भूपेश बघेल के आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवाब देते हुए कहा कि बिलासपुर में दो लोगों की व्यक्तिगत लड़ाई से विवाद की स्थिति बनी थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले को लेकर आवश्यक कार्रवाई की गई है और अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
बता दें कि खपरगंज में विवाद के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे. इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं सामने आईं, जिसमें कई वाहन, दुकानें और घर क्षतिग्रस्त हुए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.
हिंसा के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया. कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की. पुलिस उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज की जांच कर रही है. दोनों पक्षों के नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं. सिटी कोतवाली क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू किए गए हैं.

