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हिमाचल में अब किसानों से खरीदे दूध का रखा जाएगा ऑनलाइन रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

हिमाचल प्रदेश में अब पारदर्शिता और निगरानी बनाए रखने के लिए दूध संग्रहण की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा.

Himachal milk collection process Online record
हिमाचल प्रदेश सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ सीमित बैठक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 9:28 AM IST

2 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में किसानों से इकट्ठा किए गए दूध की पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने की दिशा में सुक्खू सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों के तहत अब दूध संग्रहण की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा. जिससे किसानों को समय पर भुगतान और व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी. सीएम सुक्खू ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ सीमित (मिल्कफेड) की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के सभी दुग्ध संयंत्रों में दूध प्रापण और अन्य डेटा का ऑनलाइन रिकॉर्ड बनाए जाने के निर्देश दिए. इस दौरान सीएम ने प्रसंघ की गतिविधियों को सशक्त करने के भी निर्देश दिए.

हिमईरा के जरिए होगा देसी घी की मार्केटिंग

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रसंघ के सभी उत्पादों में गुणात्मक मानक सुनिश्चित करने के समुचित उपायों का पालन किया जाए. उन्होंने ढगवार दुग्ध संयंत्र के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि इससे कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिले के किसानों की आर्थिकी को संबल मिलेगा. उन्होंने मिल्कफेड को बाजार में प्रतिस्पर्धा दृष्टिकोण के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के उत्पादों की देशभर में विशिष्ट पहचान है. सभी दुग्ध संयंत्रों व प्रसंघ से कामकाज के व्यवस्थित संचालन के लिए सभी आवश्यक पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा. सीएम ने मिल्कफेड के सभी मिल्कबार की समीक्षा और प्रसंघ के मार्केटिंग से संबंधित सभी कार्यों में और दक्षता लाने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि मिल्कफेड द्वारा निर्मित देसी घी की मार्केटिंग हिमईरा के जरिए भी किया जा सकता है.

दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गाय के दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को 32 रुपए से बढ़ाकर 51 रुपए और भैंस के दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को 47 रुपए से बढ़ाकर 61 रुपए प्रति लीटर किया है. इसके अलावा सरकार ने दूध पर परिवहन सब्सिडी को 1.50 रुपए से बढ़ाकर 3 रुपए प्रति लीटर किया है. वहीं, दो किलोमीटर से अधिक दूर स्थित दूध खरीद केन्द्र तक स्वयं दूध ले जाने पर 3 रुपए प्रति लीटर सब्सिडी दी जा रही है.

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