क्या हिमाचल पर बढ़ने वाला है नया वित्तीय बोझ? मुख्यमंत्री ने 'वीबी-जी-राम-जी योजना' पर जताई बड़ी आपत्ति, केंद्र के सामने उठाएंगे मामला
सीएम सुखविंदर सिंह ने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक की. उन्होंने अधिकारियों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 8, 2026 at 3:57 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी योजनाओं में शामिल मनरेगा को लेकर एक नया विवाद खड़ा होता दिखाई दे रहा है. केंद्र सरकार की प्रस्तावित 'वीबी-जी-राम-जी' योजना पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खुलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए साफ कहा है कि यह व्यवस्था हिमाचल जैसे सीमित वित्तीय संसाधनों वाले राज्य के हित में नहीं है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बंद कर उसकी जगह ‘वीबी-जी-राम-जी योजना’ लागू करना हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है. मनरेगा के तहत केंद्र सरकार 100 प्रतिशत धनराशि उपलब्ध करवाती थी, जबकि नई योजना में कुल खर्च का 10 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना होगा. इससे राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, इसलिए इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा".
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की. उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा और आने वाले समय में नई भर्तियां भी की जाएंगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित न हो.
310 स्वयं सहायता समूहों को दिया ऋण
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निर्माणाधीन पंचायत घरों को पूरा करने के लिए 30 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की. इसके साथ ही ऊना में बन रहे जिला पंचायत संसाधन केंद्र के निर्माण के लिए भी अतिरिक्त धनराशि जारी करने के निर्देश दिए. बैठक में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया.
सरकार ने बताया कि अब तक 310 स्वयं सहायता समूहों को अब तक 65.56 लाख रुपये की ऋण सहायता दी जा चुकी है, जबकि उनके उत्पादों के विपणन के लिए शिमला में 'हिमाचल हाट' तैयार किया जा रहा है. पंडोह और कुल्लू में भी नए शोरूम खोले जा रहे हैं और भविष्य में स्वयं सहायता समूहों को और फूड वैन उपलब्ध कराई जाएंगी.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी विकास योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे. इसके साथ ही विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ने के निर्देश भी दिए, ताकि उनकी ऑनलाइन निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.
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