वन निगम कर्मियों के लिए सुख की सरकार ने खोला खजाना, DA और बोनस का ऐलान
हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की अध्यक्षता करते हुए सीएम सुक्खू ने किया फैसला.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 3, 2026 at 2:25 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य वन विकास निगम के कर्मचारियों और श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, बोनस, दैनिक वेतनभोगियों और अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण के साथ-साथ न्यूनतम दैनिक मजदूरी बढ़ाने जैसे फैसलों से हजारों कर्मचारियों और श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 216वीं बैठक की अध्यक्षता की.
3 प्रतिशत डीए बढ़ाने की मंजूरी
इस दौरान प्रदेश सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुरूप निगम के कर्मचारियों को पहली अप्रैल, 2025 से तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने को स्वीकृति प्रदान की गई. इसके साथ ही 21,000 रुपए तक मासिक वेतन प्राप्त करने वाले 175 कर्मचारियों को बोनस देने की भी मंजूरी दी गई. इस बैठक में निदेशक मंडल ने प्रदेश सरकार की ओर से पहली अप्रैल, 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार उन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की स्वीकृति दी, जिन्होंने पिछले चार साल में हर साल 240 दिन का काम पूरा किया है.
450 रुपए हुई न्यूनतम दिहाड़ी
इसके अलावा प्रदेश सरकार की नीति के अनुरूप पात्र अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण को भी मंजूरी प्रदान की गई. निदेशक मंडल ने विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 425 रुपए से बढ़ाकर 450 रुपए करने का फैसला भी लिया. यह संशोधन पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा और प्रदेश सरकार की अधिसूचना के अनुरूप लागू किया जाएगा.
आरएंडटी फैक्ट्री के राजस्व बढ़ोतरी पर सीएम ने जताई खुशी
निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर स्थित रेजिन एवं टरपेंटाइन (आरएंडटी) फैक्ट्री के आधुनिकीकरण के बाद राजस्व में हुई उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की. सकारात्मक परिणामों को देखते हुए निदेशक मंडल ने नाहन स्थित आरएंडटी फैक्ट्री के आधुनिकीकरण का भी फैसला लिया, ताकि उत्पादकता और राजस्व में और ज्यादा बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने, कार्यकुशलता में सुधार लाने और निगम की दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता (Long-term financial stability) सुनिश्चित करने के लिए नवाचार पूर्ण उपाय जारी रखने के निर्देश दिए.

