नए साल पर CM सुक्खू ने लिया मां का आशीर्वाद, बेटे के गले लगकर भावुक हुईं संसार देवी
CM सुक्खू रविवार को अपने पैतृक गांव भवड़ां पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी माता संसार देवी से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 4, 2026 at 7:19 PM IST
|Updated : January 4, 2026 at 7:33 PM IST
हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नए साल की शुरुआत बेहद भावुक और पारिवारिक माहौल में की. रविवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री अपने पैतृक गांव भवड़ां पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी माता संसार देवी से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया. मां-बेटे के इस मिलन का दृश्य गांव में मौजूद लोगों के लिए भी भावुक कर देने वाला रहा, जब मां संसार देवी अपने बेटे मुख्यमंत्री सुक्खू के गले लगकर भावुक हो गईं.
पैतृक गांव भवड़ां पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुक्खू का अपने पैतृक गांव भवड़ां पहुंचना पूरी तरह निजी और पारिवारिक रहा. गांव पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले अपनी माता संसार देवी से मुलाकात की और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कुछ समय गांव में बिताया और बचपन की यादों को ताजा किया.
मां-बेटे के मिलन का भावुक दृश्य
मुख्यमंत्री सुक्खू की माता संसार देवी बेटे को देखकर भावुक हो गईं और उन्हें गले लगा लिया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावनात्मक था. ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री चाहे कितनी भी बड़ी जिम्मेदारी में हों, लेकिन मां के सामने वे आज भी वही बेटे बने नजर आए.
नादौन दौरे पर भी रहे मुख्यमंत्री
पैतृक गांव में समय बिताने के बाद मुख्यमंत्री नादौन विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर भी गए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने वैकुंठ धाम और गुग्गा धाम का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश की पंचायतों में ऐसे धाम विकसित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बैठने, संवाद और सामाजिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान मिल सके. इन धामों का उद्देश्य आम जनता को शांत और सुकून भरा माहौल उपलब्ध कराना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता से सीधे संवाद करना और जमीनी हकीकत को समझना सरकार की प्राथमिकता है.
मनरेगा को कमजोर कर रही केंद्र सरकार
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को नियमित रोजगार मिलता था, लेकिन अब शर्तें लगाकर इस योजना को कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने साफ किया कि वह इस फैसले के खिलाफ जनता के बीच जाएंगे और मनरेगा तथा जीरामजी योजना के बीच का अंतर लोगों को समझाएंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है.
BPL-IRDP पर CM ने स्पष्ट की स्थिति
बीपीएल और आईआरडीपी सूची को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पात्र परिवार को इन श्रेणियों से बाहर नहीं किया गया है. सरकार केवल सर्वे के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही है कि सबसे ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे.
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