हिमाचल में बंद नहीं होगी इनकी पेंशन, मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश
हिमाचल प्रदेश में पात्र लाभार्थियों की पेंशन किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं की जाएगी: CM सुखविंदर

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 11:40 PM IST
शिमला: हिमाचल सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है. प्रदेश में पात्र लाभार्थियों की पेंशन किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं की जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन निरंतर जारी रहेगी और पात्रता रखने वाले हर व्यक्ति को इसका लाभ मिलता रहेगा. मंगलवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश जारी किए.
सीएम सुखविंदर ने कहा, 'सभी पात्र पेंशनधारकों को उनकी पेंशन मिलती रहेगी और विभाग को शेष पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करने को कहा है, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी अपने अधिकार से वंचित न रहे. अब तक 7,60,772 लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है'.
30.69 करोड़ रुपये आवंटित
सीएम सुक्खू ने इस दौरान मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की भी समीक्षा की. उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य के 4,131 बच्चे इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं. योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 30.69 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए नियमित रूप से शैक्षणिक एवं मनोरंजक भ्रमण आयोजित करने के निर्देश दिए और जिन जिलों ने अभी तक ऐसे भ्रमण आयोजित नहीं किए हैं, उनसे रिपोर्ट देने को कहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसे की कोई कमी नहीं है और आश्वस्त किया कि हर पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार मिलेगा. उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 10 फीसदी उपयोग करने का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि विधवा, निराश्रित या तलाकशुदा महिलाओं तथा दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को वित्तीय एवं शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना आरंभ की है.
इस योजना के अंतर्गत राज्य में 21,588 लाभार्थी हैं, जिनमें से 20,735 बच्चे 18 वर्ष तक की आयु के हैं. इस योजना के लिए 31.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी.
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