मां ने छोड़ा साथ तो CM सुक्खू ने थामा हाथ, बेसहारा भाई-बहनों की उठाई पूरी जिम्मेदारी
चबां के बेसहारा नाबालिग बच्चों की गुहार सरकार तक पहुंच गई है. CM सुक्खू ने शनिवार को बेसहारा भाई-बहनों से वीडियो कॉल पर बात की.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 20, 2025 at 2:51 PM IST
|Updated : December 20, 2025 at 3:18 PM IST
शिमला: टूटे हालात, जर्जर गोशाला और अधूरा बचपन… चंबा के मटवाड़ गांव (भजोत्रा पंचायत) के चार बेसहारा नाबालिग बच्चों की कहानी आखिरकार सरकार तक पहुंच ही गई. मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को बच्चों से वीडियो कॉल पर बात कर उनका हाल जाना और भरोसा दिलाया कि अब उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी. सरकार उनकी शिक्षा, रहन-सहन और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी. उन्होंने बड़ी बहन निशा से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई दोबारा शुरू करने को कहा और हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
मुख्यमंत्री ने दी इन योजनाओं से जोड़ने की गारंटी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इन बच्चों को सरकार की सभी जरूरी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. उन्होंने जमीन से जुड़े लोन की समस्या का समाधान निकालने और बच्चों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का भी भरोसा दिया. मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और मदद में कोई देरी न हो.
पिता की मौत और मां की दूसरी शादी से उजड़ा परिवार
दरअसल, मटवाड़ गांव के ये चारों बच्चे पिछले कई वर्षों से बेहद कठिन हालात में जीवन जी रहे हैं. वर्ष 2021 में उनके पिता का निधन हो गया था. इसके बाद मां ने दूसरी शादी कर ली और बच्चों को छोड़कर चली गई. तभी से ये नाबालिग भाई-बहन एक जर्जर गोशाला में रहने को मजबूर हैं.
घर चलाने के लिए निशा को छोड़नी पड़ी पढ़ाई
परिवार की सबसे बड़ी बेटी निशा (17 साल) ने घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. उसने बताया कि घर का खर्च चलाने के लिए उसका 15 वर्षीय भाई चेन्नई काम करने गया हुआ है. छोटी बहन छठी कक्षा और छोटा भाई तीसरी कक्षा में पढ़ाई कर रहा है. खेती और भाई की कमाई से किसी तरह गुजर-बसर हो रहा है.
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