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CM सुक्खू ने केंद्र से की हिमाचल की दमदार पैरवी, मुफ्त बिजली रॉयल्टी बढ़ाने, ₹7784 करोड़ का ऊर्जा बकाया की रखी मांगें

दिल्ली दौरे पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने हिमाचल के मुद्दों को उठाया.

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने  केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से की मुलाकात
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से की मुलाकात (@CM Sukhu Post)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 17, 2026 at 3:09 PM IST

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शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष हिमाचल प्रदेश के हितों और राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखा. जलविद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली निःशुल्क बिजली रॉयल्टी में बढ़ोतरी, भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के ऊर्जा बकाये, शानन परियोजना पर हिमाचल के अधिकार, कांगड़ा में एयरो सिटी और ‘हिम चंडीगढ़’ जैसे महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता सहित अनेक विषयों पर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का सहयोग मांगा.

सीएम सुक्खू ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों द्वारा संचालित उन जलविद्युत परियोजनाओं में, जिनकी प्रारंभिक 12 वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी है, सामान्य 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली रॉयल्टी के अतिरिक्त राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की. उन्होंने विशेष रूप से 180 मेगावाट की बैरा-स्यूल जलविद्युत परियोजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परियोजना के संचालन के 44 वर्ष पूरे हो चुके हैं, इसलिए इसमें हिमाचल को मिलने वाली निःशुल्क बिजली की हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जानी चाहिए.

BBMB के ₹7784 करोड़ बकाये का मामला उठाया

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड की परियोजनाओं से संबंधित ऊर्जा बकाये के भुगतान में हो रही देरी पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के निर्माण के दौरान हिमाचल के लोगों ने भारी कीमत चुकाई है. पौंग बांध से विस्थापित हजारों परिवारों का पुनर्वास आज भी पूरी तरह नहीं हो पाया है.

मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि हरियाणा और पंजाब की सहमति से 31 अक्तूबर 2011 तक के 13,066 मिलियन यूनिट ऊर्जा बकाये और उसके बाद 6 प्रतिशत ब्याज सहित राज्य को उसका अधिकार दिया जाए. उन्होंने बताया कि यदि इस बकाये का भुगतान नकद राशि के रूप में किया जाता है तो चक्रवृद्धि ब्याज सहित इसकी अनुमानित राशि 7,784 करोड़ रुपये तक पहुंचती है.

शानन परियोजना और विकास योजनाओं पर भी जोर

सीएम सुक्खू ने शानन जलविद्युत परियोजना का विषय भी उठाया और इस परियोजना पर हिमाचल प्रदेश के वैध अधिकारों का पक्ष मजबूती से रखा. इसके साथ ही उन्होंने कांगड़ा में प्रस्तावित ‘एयरो सिटी’ और ‘हिम चंडीगढ़’ जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के विकास के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं प्रदेश में नियोजित शहरीकरण, पर्यटन विस्तार, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होंगी.

शहरी विकास परियोजनाओं के लिए भी मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार 24 शहरी स्थानीय निकायों में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत 1,179 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार कर रही है, जिनमें से 660 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पहले चरण में केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी हैं. उन्होंने ‘क्लीन हिली एंड हिमालयन सिटीज इनिशिएटिव’ के तहत स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों के लिए 12.33 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया.

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अमृत योजना के अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत परियोजनाओं के लिए लंबित 64.45 करोड़ रुपये जारी करने और अमृत मित्रा योजना के तहत 14 शहरी स्थानीय निकायों में प्रस्तावित 43 परियोजनाओं को मंजूरी देने का आग्रह भी किया. प्रदेश में प्रत्येक संपत्ति को विशिष्ट पहचान देने के उद्देश्य से क्यूआर आधारित डिजिटल डोर प्लेट प्रणाली लागू की जा रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के दूसरे चरण के सफल क्रियान्वयन के लिए अगले पांच वर्षों में 18 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की भी मांग की गई है.

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