'RDG के मुद्दे पर हिमाचल की कलयुगी बीजेपी बोल रही झूठ', CM सुक्खू ने भाजपा पर साधा निशाना
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सराहां में जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 14, 2026 at 7:20 PM IST
|Updated : February 14, 2026 at 10:40 PM IST
सराहां: जिला सिरमौर के सराहां में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर जमकर प्रहार किया. मुख्यमंत्री ने कहा, '1 फरवरी को प्रदेश के 70 वर्षों से मिल रहे आरडीजी (Revenue Deficit Grant) को बंद कर दिया गया, जो हिमाचल का अधिकार था. यह कोई सरकार का एहसान नहीं था, बल्कि जनता का हक था. इस पैसे से अच्छे शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल और सड़कें बनती थीं'.
मुख्यमंत्री ने बताया कि आरडीजी बंद होने के मुद्दे पर सभी दलों को बैठक के लिए बुलाया गया. भाजपा की मांग पर बैठक का स्थान बदला गया. जबकि सचिवालय किसी पार्टी का कार्यालय नहीं, जनता का कार्यालय है. बैठक में आम आदमी पार्टी, सीपीआईएम और बीएसपी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. सभी ने इसे प्रदेश के अधिकार की लड़ाई बताया.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल द्वारा पीएमजीएसवाई सड़कों, फोरलेन और अस्पतालों का जिक्र करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सुविधाएं 14वें वित्त आयोग से भी मिलती रही हैं. उन्होंने दोहराया कि मुद्दा यह है कि हर साल कट रहे 10 हजार करोड़ पर भाजपा का क्या रुख है, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया.
सीएम सुखविंदर ने कहा, 'आरडीजी के मुद्दे पर कहा कि हिमाचल प्रदेश की बीजेपी कलयुगी बीजेपी है, जो झूठ पर झूठ बोलती है और मूल मुद्दे से ध्यान भटकाती है. लेकिन हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, बल्कि हिमाचल की जनता के अधिकार की है. भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले प्रदेश में ऐसे संस्थान खोलने की घोषणाएं कर दीं, जहां न डॉक्टर नियुक्त हुए, न शिक्षक. सिर्फ नोटिफिकेशन कर जनता की आंखों में धूल झोंकी गई'.
सीएम सुखविंदर ने कहा, 'कुछ भी हो, मैं चुनौतियों का मुकाबला करने और जीतने की क्षमता रखता हूं’ आपदा प्रभावितों की मदद के लिए राज्य सरकार ने कानून बदल दिया और पूरी तरह से घर क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाली डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता को आठ लाख रुपए कर दिया. हिमाचल के युवा सेना में जाकर देश सेवा करते हैं लेकिन अग्निवीर योजना लागू कर हिमाचल के युवाओं के साथ धोखा किया गया है. यही नहीं केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम ही नहीं बदला, बल्कि इस योजना की आत्मा को ही मार दिया, जो कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सोच का परिणाम थी'.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल 10 हजार करोड़ रुपये की कटौती होगी और पांच वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा. मैं आज इस मंच से पूछना चाहता हूं कि भाजपा इस 10 हजार करोड़ की कटौती के पक्ष में है या विरोध में? उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में भाजपा नेता कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से छह माह पहले 5000 करोड़ रुपये चुनावी लाभ के लिए खर्च कर दिए गए. उस समय सोचा गया कि अभी चुनाव जीतना है, आगे की आगे देखेंगे. जनता की संपदा का धन लुटा दिया गया. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ वाईएस को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की नींव रखी थी. धारा 118 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहाड़ी प्रदेश की जमीन की सुरक्षा के लिए जो कानून बना, उसी दूरदर्शिता के कारण आज हिमाचल सुरक्षित है. परमार जी गांव और गरीब के हित में सोचते थे. हम भी उसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
जनसभा के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि प्रदेश के अधिकारों की इस लड़ाई में उनका साथ और आशीर्वाद चाहिए. हम हर चुनौती का सामना करने की क्षमता रखते हैं. 10 हजार करोड़ का अधिकार हम मरने नहीं देंगे.
सुक्खू ने कहा, 'पूर्व भाजपा सरकार को पांच वर्षों में 70 हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि मिली, लेकिन उन्होंने इसका सदुपयोग नहीं किया. अगर पूर्व भाजपा सरकार ने इस पैसे का सदुपयोग किया होता तो प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपए का कर्ज और 10 हजार करोड़ रुपए की देनदारियां नहीं होती. पूर्व सरकार ने एक हजार करोड़ के भवन सिर्फ मित्रों को खुश करने के लिए बना दिए, जबकि वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन रात प्रयास कर रही है'.
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