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हड़ताल पर गए डॉक्टरों को सीएम सुक्खू और उनके मंत्री ने अच्छा खासा सुना दिया, जानें क्या कहा

हिमाचल में डॉक्टर की स्ट्राइक पर सीएम सुक्खू नाराज हैं. उन्होंने डॉक्टरों को नसीहत दी है.

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 28, 2025 at 4:23 PM IST

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शिमला: हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल में से एक आईजीएमसी में कुछ दिन पहले डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट होती है. मरीज के पक्ष में कुछ लोग अस्पताल में भीड़ के रूप में जुटते हैं. माहौल तनावपूर्ण हो जाता है. पूरे देश में मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है. कुछ लोग मरीज और कुछ डॉक्टर का पक्ष सोशल मीडिया पर लेते दिखे.

मामला बढ़ता देख सरकार मामले की जांच बिठा देती है. इसके बाद सीनियर रेडिडेंट डॉक्टर राघव निरूला की सेवाएं समाप्त कर दी जाती है. इससे रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले जाते हैं. रेडिडेंट डॉक्टर को अन्य डॉक्टरों का साथ मिलता है और कई जिला अस्पतालों में भी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए. डॉक्टरों की मांग है कि राघव नरुला का सस्पेंशन वापस लिया जाए और अस्पताल में डॉक्टरों को धमकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. इससे मरीजों को भारी परेशानी होती है. अब सीएम ने इस मामले पर हड़ताल पर गए डॉक्टरों को फटकार लगाई है.

अहंकार छोड़ काम पर लौटें डॉक्टर (ETV Bharat)

अहंकार छोड़े डॉक्टर: सीएम

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को गलत बताया है और डॉक्टर को अपना अहंकार छोड़कर काम पर वह वापस लौटने की नसीहत दी है. रविवार को दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि 'मैंने खुद डॉक्टरों को आश्वासन दिया था. बावजूद इसके वो हड़ताल पर चले गए. उन्हें मुख्यमंत्री की बात पर विश्वास करना चाहिए था. रेडिडेंट डॉक्टरों को अपना अहंकार छोड़कर वापस ड्यूटी पर आना चाहिए. डॉक्टरों से आग्रह है कि वो सोमवार से अपनी ड्यूटी पर लौटें. सीनियर डॉक्टरों से को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर उनसे बातचीत करेंगे. रेजिडेंट डॉक्टरों को अपनी हड़ताल खत्म करदेनी चाहिए.'

सरकार ने नहीं लिया किसी का पक्ष: सीएम

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार 75 लाख जनता के साथ है. सरकार ने किसी का कोई पक्ष नहीं लिया. सरकार मरीज़ के साथ भी है और डॉक्टर भी उनके परिवार की तरह है. ऐसे में लोगों की परेशानी को देखते हुए डॉक्टरों को हड़ताल खत्म वापस काम पर लौटना चाहिए. सरकार उनके हितों का भी पूरा ध्यान रखेगी और जो वो सुरक्षा की मांग कर रहे हैं उसकी जिम्मेदारी भी प्रदेश सरकार की है.

डॉक्टर का रवैया ठीक नहीं है: नेगी

वहीं,हिमाचल के कैबिनेट मंत्री जगत नेगी ने कहा कि, 'डॉक्टरों का भी रवैया ठीक नहीं है, जब मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था और दोबारा जांच करने के लिए पावर कमेटी का गठन किया है. ऐसे में उसकी रिपोर्ट का डॉक्टर को इंतजार करना चाहिए था, लेकिन डॉक्टर उस रिपोर्ट का इंतजार किए बिना हड़ताल पर चले गए. इस तरह से हड़ताल पर जाकर पूरे सिस्टम को ठप करना गलत है. इससे पूर्व भी जब डॉक्टर हड़ताल पर गए थे तो हाईकोर्ट ने इसमें कड़ा संज्ञान लिया था. हड़ताल खत्म कर डॉक्टरों को अस्पताल में मरीजों की जांच करनी चाहिए.'

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