कैसे काम करता है 'बिहार विद्या साथी' ऐप? CM सम्राट चौधरी ने की शुरुआत, 3 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ
सीएम सम्राट चौधरी ने छात्रों के लिए 'बिहार विद्या साथी' ऐप लॉन्च किया है. जानें ये कैसे काम करता है? रिपोर्ट- कृष्णनंदन कुमार

Published : August 24, 2026 at 8:25 PM IST
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में '24x7, 1:1 इंटरैक्टिव प्लेटफार्म' ऐप 'बिहार विद्या साथी' का शुभारंभ किया. सीएम ने 15 अगस्त को गांधी मैदान में इसे शुरू करने की घोषणा की थी. 3 लाख विद्यार्थियों को इस ऐप का लाभ मिलेगा. भविष्य में इसका विस्तार अन्य विद्यालयों में भी किया जाएगा. JEE एवं NEET की तैयारी में भी इससे मदद मिलेगी.
9वीं से 12वीं के लिए 24 घंटे शिक्षक: बिहार विद्या साथी' ऐप शुरू करने जे बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है. 'बिहार विद्या साथी' ऐप के माध्यम से विद्यार्थी जब चाहें, जहाँ से चाहें, अपनी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे.

3 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 38 जिलों के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों से शुरू हो रही इस पहल से लगभग 3 लाख विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 24X7 लाइव शिक्षक उपलब्ध रहेंगे. विद्यार्थी अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार शिक्षक का चयन कर उनसे वन-टू-वन संवाद के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे.
डिजिटल अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध: सीएम ने कहा कि 75 हजार शिक्षक विद्यार्थियों को व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेंगे. कक्षा 9वीं-10वीं के विद्यार्थियों के लिये सभी विषय तथा कक्षा 11वीं-12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को लाइव ट्यूटर सपोर्ट के साथ बिहार बोर्ड, JEE एवं NEET की तैयारी के लिए डिजिटल अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी.
कॉन्सेप्ट लर्निंग और बेहतर बनाएंगे: सम्राट चौधरी ने कहा कि आधुनिक AI टूल्स के माध्यम से विद्यार्थियों की कॉन्सेप्ट लर्निंग को और बेहतर बनाया जाएगा. उन्हें असीमित अध्ययन एवं अभ्यास की सुविधा मिलेगी. 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों से शुरू की जा रही यह व्यवस्था आगे राज्य के अन्य विद्यालयों तक भी विस्तारित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है इसका भरपूर लाभ उठाएं, अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करें और ज्ञान एवं कौशल के माध्यम से अपने जीवन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करें.
📚 विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए AI आधारित "बिहार विद्या साथी"
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 24, 2026
लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में "बिहार विद्या साथी" का शुभारंभ किया।
इसके माध्यम से 38 जिलों के करीब 3 लाख विद्यार्थियों को 24×7… pic.twitter.com/u1pYpq30SK
बिहार विद्या साथी ऐप इसके माध्यम से 38 जिलों के करीब 3 लाख विद्यार्थियों को 24×7 निःशुल्क लाइव शिक्षा और वन-टू-वन ट्यूटर सपोर्ट मिलेगा. विद्यार्थियों को अपनी पसंद के शिक्षक से पढ़ने, पाठ से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान और अनलिमिटेड लर्निंग की सुविधा उपलब्ध होगी. हमारा प्रयास है कि विद्यार्थी जहाँ भी हो, जब भी पढ़े- उसके सवाल का जवाब और शिक्षक का सहयोग हमेशा उसके साथ हो."- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार
कैसे काम करेगा ऐप?: बिहार विद्या साथी के माध्यम से शिक्षक 24x7 लाइव जुड़े रहेंगे और छात्रों की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे. फ्री डाउट सेशन भी होगा. आयोग ने इस एप के माध्यम से छात्रों के लिए किसी भी सब्जेक्ट या टॉपिक से जुड़े डाउट्स को सॉल्व करने के लिए कोई फीस निर्धारित नहीं की है.
छात्र किसी भी टॉपिक या डाउट को सॉल्व करने के लिए अपनी पसंद के टीचर को चुन सकते हैं. साथ ही उनसे पढ़ाई कर सकेंगे. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को अब गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन के लिए बड़े शहरों या महंगे कोचिंग सेंटर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
बिहार बोर्ड ने किया है डेवलप: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने राज्य में डिजिटल शिक्षा को नया रूप देने के लिए बिहार विद्या साथी' ऐप को डेवलप किया है. इसके माध्यम से खासकर ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को काफी मदद मिलने की संभावना है.
'बिहार विद्या साथी' ऐप पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई. कार्यक्रम में राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर की छात्रायें जाहन्वी एवं जिया ने इस ऐप के प्रयोग का डेमो दिखाया और इससे हो रही सुविधाओं एवं लाभ के बारे में जानकारी दी. कार्यक्रम में दोनों उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी शामिल हुए.
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