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30 दिनों में कार्य का निपटारा नहीं हुआ तो 31वें रोज स्वत: निलंबित हो जाएंगे अधिकारी, CM सम्राट का फैसला

सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला लिया है. 30 दिनों में अगर अधिकारियों ने कार्य का निष्पादन नहीं किया तो 31वें दिन स्वतः निलंबित हो जाएंगे.

Samrat Choudhary
सम्राट चौधरी का बड़ा आदेश (सौ. सम्राट चौधरी X हैंडल)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 11, 2026 at 8:50 PM IST

3 Min Read
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पटना: बिहार में लोक सेवा का अधिकार कानून लागू है. निश्चित समय सीमा के अंदर अधिकारियों को कार्यों का निष्पादन करना होता है. नियम लागू होने के बावजूद अधिकारी कार्यों का निपटारा सही समय पर नहीं करते हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 30 दिनों के भीतर कार्यों के निपटारे को लेकर फरमान जारी किया है.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय (4) देशरत्न मार्ग) स्थित 'संवाद' में सहयोग शिविर से संबंधित सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 एवं सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया. इस दौरान सीएम ने कहा कि सहयोग शिविर कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत स्तर पर प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोगों की समस्याओं का निष्पादन होगा.

30 दिनों के भीतर करना होगा कार्यों का निपटारा: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने यह तय किया है कि अब पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाकर समस्याओं का निपटारा 30 दिनों के अंदर किया जाएगा. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इसका रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे. सहयोग शिविर में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान त्वरित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से 30 दिनों के अंदर हर हाल में सुनिश्चित करेगें.

तो 31वें दिन निलंबित हो जाएंगे: सीएम ने कहा कि इसके लिए प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को बिहार के सभी पंचायतों में सहयोग शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. अगर 30 दिनों के अंदर संबंधित पदाधिकारी आवेदन का निष्पादन कर आदेश पारित नहीं करते हैं, फाइल अटकाते हैं या इस काम में कोताही बरतते हैं तो वह स्वतः 31वें दिन निलंबित हो जाएंगे.

Samrat Choudhary
सम्राट चौधरी (सौ. सम्राट चौधरी X हैंडल)

"न सिर्फ पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है, बल्कि 30 दिनों के अंदर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का डेडलाइन भी तय किया है. 30 दिनों के अंदर संबंधित पदाधिकारी आवेदन का निष्पादन कर आदेश पारित नहीं करते हैं तो वह स्वतः 31वें दिन निलंबित हो जाएंगे."- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार

Samrat Choudhary
मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री (सौ. सम्राट चौधरी X हैंडल)

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग शिविर के काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध ऑनलाइन पोर्टल पर ही उसके सस्पेंड होने का फॉर्मेट जेनरेट हो जाएगा, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. अधिकारियों से विशेष आग्रह है कि अगर विकास का कोई कार्य है या सड़क, बिजली, पानी आदि से जुड़ी जनता की कोई मूलभूत आवश्यकता है तो उसको ध्यान में रखते हुए सरकार फैसला लेगी लेकिन निचले स्तर पर प्रखंड, अंचल या थाना से संबंधित किसी व्यक्ति की कोई समस्या है तो उसका निपटारा 30 दिनों के अंदर हर हाल में सुनिश्चित करना होगा.

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