CM रेखा गुप्ता ने मिशन कायाकल्प सहित कांवड़ यात्रा तैयारियों को लेकर की समीक्षा बैठक, कहा- सभी व्यवस्थाएं करें सुनिश्चित
सीएम ने कहा कि आगामी कांवड़ यात्रा पर निर्देश देने के साथ विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए पर भी जोर दिया. पढ़ें..

Published : July 6, 2026 at 10:34 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को डीडीसी एपेक्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मिशन कायाकल्प के तहत सरकारी विद्यालयों में किए जा रहे सुधार कार्यों, आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों और मॉनसून के दौरान जलभराव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों के दो-दो जर्जर सरकारी विद्यालयों के कायाकल्प के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी. साथ ही, राजधानी में मॉनसून को देखते हुए विभिन्न विभागों की तैयारियों का भी विस्तृत जायजा लिया.
दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में डीडीसी अध्यक्ष एवं मोती नगर से विधायक हरीश खुराना, रोहतास नगर से विधायक जितेंद्र महाजन सहित अन्य विधायकों के साथ सभी 13 जिलों के डीएम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बच्चों को अच्छी शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक माहौल भी उपलब्ध कराना है. इसी उद्देश्य से 'मिशन कायाकल्प' के तहत सभी जिलाधिकारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान अपने-अपने जिलों के दो सबसे जर्जर सरकारी विद्यालयों का चयन कर उनका पूरी तरह से कायाकल्प करने की जिम्मेदारी दी गई थी.
कांवड़ यात्रा की पुख्ता तैयारियों को लेकर निर्देश: वहीं आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में पूर्व वर्षों में शिविर आयोजित करने वाली पंजीकृत संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, बिजली और सुगम यातायात के पुख्ता इंतजाम पहले से ही कर लिए जाएं. इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने पीएम उदय योजना के तहत दिल्ली की सभी अनधिकृत कॉलोनियों में विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए, ताकि राजधानी के नागरिक आगामी 31 अक्टूबर की अंतिम तिथि से पहले अपना रजिस्ट्रेशन आसानी से पूरा करवा सकें. साथ ही एमसीडी के अधिकारियों को फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.
प्रयासों को बताया प्रेरणादायक: बैठक में विभिन्न जिलों की ओर से किए गए कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने उन अधिकारियों की विशेष सराहना की, जिन्होंने तय कार्यों से आगे बढ़कर विद्यालयों में पुस्तकालय, स्टेम लैब, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, वॉटर कूलर, शौचालयों का नवीनीकरण और आकर्षक वॉल पेंटिंग जैसी बेहतर सुविधाएं विकसित कीं. उन्होंने विशेष रूप से आउटर नॉर्थ, उत्तर-पूर्व और नई दिल्ली के जिलाधिकारियों की ओर से मिशन कायाकल्प के तहत किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके प्रयासों को अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक बताया.
मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता: मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कई विद्यालयों में स्थानीय जनसहयोग, सीएसआर और क्राउड फंडिंग के माध्यम से बेहतरीन कार्य किए गए हैं, जो अन्य जिलों के लिए भी एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी मॉडल पेश करते हैं. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्कूलों में केवल औपचारिक मरम्मत करके काम न टाला जाए, बल्कि विद्यार्थियों के लिए पेयजल, सुरक्षा, फर्नीचर, प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि विद्यालयों के शौचालयों की खराब स्थिति किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और बच्चों को ऐसा माहौल मिलना चाहिए जिससे स्कूल में प्रवेश करते ही उनकी सीखने की उत्सुकता बढ़ सके.
जलभराव पर एजेंसियों को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश: बैठक के दौरान विभिन्न विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जलभराव, ड्रेनेज, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों और विद्युत उपकेंद्रों से संबंधित गंभीर समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा. जनप्रतिनिधियों के इन सुझावों और शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक समस्या का एक निश्चित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि जहां भी जरूरत हो, वहां विभिन्न एजेंसियां आपसी समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त निरीक्षण करें और बिना किसी देरी के तत्काल जमीनी कार्रवाई शुरू करें ताकि जनता को राहत मिल सके.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कांवड़ यात्रा को लेकर की बैठक: उधर, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर बैठक की. इसमें यात्रा के दौरान लागू की जाने वाली ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान चिह्नित मार्गों पर कांवड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इस पर विशेष जोर दिया गया. इसके लिए पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन, भारी और व्यावसायिक वाहनों के संचालन, दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल टाइम सूचना साझा करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई.
प्रभावी योजना बनाना बेहद आवश्यक: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) विजयांता गोयल आर्या ने कहा कि कांवड़ यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, समय पर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करना और प्रभावी योजना बनाना बेहद आवश्यक है. उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस का प्रयास रहेगा कि कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित और सुगम रहे, वहीं आम नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा हो.
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