दिल्ली विधानसभा में भावुक हुईं सीएम रेखा गुप्ता, बोलीं- 'एक महिला मुख्यमंत्री का काम करना विपक्ष को नहीं आ रहा रास'
सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर महिला विरोधी मानसिकता और विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया.

Published : January 9, 2026 at 6:10 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शुक्रवार को एक भावुक दृश्य देखने को मिला. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सदन में अपनी बात रखते हुए न केवल भावुक नजर आईं, बल्कि उन्होंने विपक्ष पर महिला विरोधी मानसिकता और विकास कार्यों में बाधा डालने का गंभीर आरोप भी लगाया. सीएम रेखा गुप्ता बोलीं महिलाओं को 2500 रुपए भी दिए जाएंगे और मुफ्त सिलेंडर भी दिया जाएगा. यह बीजेपी सरकार है जो वादा किया है उसे पूरा करेंगे.
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार जवाबदेही की सरकार है और उनके मंत्री व विधायक दिल्ली की जनता की सेवा के लिए 24 घंटे सड़कों पर नजर आते हैं. उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, "इन लोगों को 24 घंटे एक महिला मुख्यमंत्री का काम करना अच्छा नहीं लगता. उन्हें तकलीफ होती है, उनसे यह सहन नहीं होता." उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने, घटिया कमेंट करने और बेबुनियाद इल्जाम लगाने की राजनीति कर रहा है.
'गलती' बनाम 'साजिश' की बहस
सीएम रेखा गुप्ता ने सदन में स्पष्ट किया कि इंसान होने के नाते उनसे कुछ शब्दों के उच्चारण में चूक हो सकती है, जिसे विपक्ष मुद्दा बनाकर उनका मजाक उड़ाता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कभी 'AQI' को 'AIQ' कह देने या भाषण के दौरान 'ब्रिटिश' की जगह 'कांग्रेस' शब्द निकल जाने पर विपक्ष उनकी 'रील्स' बनाकर सोशल मीडिया पर उपहास करता है. उन्होंने भावुक स्वर में कहा, "मुझसे तो गलती से शब्द निकल गया, लेकिन आप लोगों ने तो होश-ओ-हवास में दिल्ली की जनता से झूठ बोला."
रामलीला मैदान से 'शीशमहल' तक का सफर
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने उनके पुराने वादों की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि जो लोग बच्चों की कसम खाकर कहते थे कि पद नहीं लेंगे, बंगला नहीं लेंगे और गाड़ी नहीं लेंगे, आज वे सब सुख-सुविधाओं का आनंद ले रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रामलीला मैदान के अनशन से शुरू हुआ सफर आज 'शीशमहल' तक पहुंच गया है, और यह कोई गलती नहीं बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश और षड्यंत्र है.
विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, ''दिल्ली में शासन और सत्ता अब सिर्फ सेवा का अभ्यास है. पिछली सरकारों ने जनता की जरूरत को नहीं समझा. हमने तय किया है कि विकसित दिल्ली को बनाएंगे. हमारी प्राथमिक तय कर नीतियां बनाई हैं. हम इस 11 महीने के अल्पकाल ने दिल्ली को नई दिशा में लाने में सफल रहे हैं. हेल्थकेयर में हमारी सरकार ने बड़े काम किए, सरकार के सत्ता संभालने वाले वाले दिन आयुष्मान योजना को लागू किया, आरोग्य मंदिर 238 खोले गए हैं. हमारा लक्ष्य है दिल्ली में 1100 आरोग्य मंदिर खोले जाएं.''
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे यह भी कहा, ''टकराव को पिछली सरकार ने अपनी रणनीति बनाया. अराजकता को अपनी रणनीति में रखा. इन्हें सरकार की तरफ से कोई सहायता दी जाती थी तो उसे वापस भेज दिया जाता था. दिल्ली की जनता के हक का पैसा था जिसे केंद्र सरकार को वापस लौटाया और सारे विकास कार्य रुक गए. दिल्ली के भले के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं. एलजी ने दिल्ली के लिए हर विषय पर काम किया. दिल्ली को बचाए रखने का काम एलजी ने किया जिसके लिए उनका धन्यवाद है. सरकार पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रही है, बहुत ही जल्द और भी अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे. वर्तमान की दिल्ली सरकार धरने में नहीं बल्कि काम करने में विश्वास करती है. यह सरकार स्लोगन में नहीं सिस्टम में काम करती है.''
ये भी पढ़ें:

