रक्षाबंधन पर राज्यपाल और सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी बधाई, कहा- सशक्त महिला के बिना समृद्ध उत्तराखंड की कल्पना नहीं
प्रदेश में रक्षाबंधन का पर्व आज बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. राज्यपाल और सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 28, 2026 at 10:04 AM IST
|Updated : August 29, 2026 at 11:33 AM IST
देहरादून: रक्षाबंधन का पर्व देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. इसी क्रम में उत्तराखंड में भी रक्षाबंधन त्यौहार की धूम देखी जा रही है. राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी. सीएम धामी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास, स्नेह, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है. यह पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के साथ-साथ नारी सम्मान और सामाजिक सद्भाव की भावना को भी मजबूत करता है. सीएम ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व सामाजिक सद्भाव के साथ ही महिलाओं के प्रति आदर एवं सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ बनाता है. रक्षाबंधन महिलाओं के सम्मान से जुड़ा पर्व भी है.
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति हमारा प्रयास निरन्तर जारी है. महिलाओं को सशक्त किए बिना समृद्ध उत्तराखंड की कल्पना पूरी नहीं हो सकती है. उन्होंने प्रदेशवासियों से महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी प्रगति के लिए एक आदर्श समाज के निर्माण में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर आज और कल यानी 28 और 29 अगस्त को प्रदेश की महिलाओं के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है.

वहीं, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. राज्यपाल ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, अटूट स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व है. यह पर्व पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ ही समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करता है. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन मातृशक्ति के सम्मान और स्नेह का पर्व भी है. बहनें परिवार की स्नेह, संस्कार और संवेदनाओं की मजबूत आधारशिला हैं.

उनका स्नेह, आशीर्वाद और अपनापन परिवार एवं समाज को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है. राज्यपाल ने इस पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सभी क्षेत्रवासियों को रक्षा बंधन के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है. यह पर्व हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देता है.

उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करता है. उन्होंने कहा कि कोटद्वार की जनता के साथ उनका आत्मीय और पारिवारिक रिश्ता है तथा क्षेत्रवासियों का स्नेह और आशीर्वाद सदैव उन्हें जनसेवा के लिए प्रेरित करता है. वहीं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी उत्तराखंड के प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी. साथ ही कहा कि राखी सिर्फ एक धागा नहीं, अपनों के प्यार, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र वचन है.
चंपावत में रक्षाबंधन: चंपावत दौरे से लौटे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सैकड़ों स्थानीय बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने भी बहनों को पर्व की बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड की मातृ शक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है और सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, समृद्धि और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है.
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