हरियाणा बजट 2026: गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान, सीएम ने प्रोत्साहन राशि बढ़ाई, जैविक खाद पर मिलेगी 80 फीसदी सब्सिडी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2026-27 का बजट सदन में पेश किया है. कृषि सेक्टर के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं.

Published : March 2, 2026 at 1:52 PM IST
चंडीगढ़ः सीएम नायब सिंह सैनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल ₹2,23,658.17 करोड़ का बजट विधानसभा में पेश किया है. यह बजट वर्ष 2025-26 के संशोधित आंकड़े ₹2,02,816.66 करोड़ से 10.28 फीसदी अधिक है. बजट में कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने, नई तकनीक अपनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ाने, जैविक खेती करने वाले किसानों को बिक्री के लिए बाजारों में जगह उपलब्ध कराने सहित कई सराहनीय कदम उठाए गए हैं.
किसानों को मंडियों में मिलेगी जगहः पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल में प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों को कृषि उपज बेचने के लिए मंडियों में जगह उपलब्ध करवाई जाएगी. साथ ही, परीक्षण हेतु प्रयोगशालाएं और प्रमाणीकरण के लिए एपीडा द्वारा मान्यता प्राप्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों को अपनी प्राकृतिक और जैविक कृषि उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार मिले.
2200 किसान करेंगे एक्सपोजर विजीटः धान की पराली का प्रबंधन करने वाले किसान को दिए जाने वाले ₹1,200 प्रति एकड़ अनुदान को और डीएसआर अपनाने के लिए किसान को दिए जाने वाले ₹4,500 प्रति एकड़ के अनुदान को वर्ष 2026-27 में जारी रखा जाएगा. हरियाणा के किसानों को देश के विभिन्न प्रदेशों में आधुनिकतम तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों और नए बाजारों से जुड़ने के अवसर जांचने के लिए हर जिले से कम से कम 100 किसानों को एक्सपोजर विजीट पर भेजा जाएगा.
किसानों को मिलेगा चीनी शुगरकेन हार्वेस्टरः गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के अंतर्गत किसानों को 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण अपनाने के लिए किसानों को दी जा रही ₹3,000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर ₹5,000 प्रति एकड़ किया जाएगा. प्रदेश की हर सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर उपलब्ध करवाएगी ताकि श्रम लागत में कमी आए. टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ना की उत्पादकता में वृद्धि होती है. इस विधि से तैयार हुई पौध को किसानों को अब मुफ्त में उपलब्ध करवाया जाएगा. किसानों को एकल आंख विधि से गन्ने की बिजाई करने पर ₹3,000 प्रति एकड़ की राशि को बढ़ाकर ₹5,000 प्रति एकड़ किया जाएगा.
जैविक खाद पर मिलेगी 80 फीसदी सब्सिडीः मेरी फसल मेरा ब्यौरा से जुड़े किसानों को जैविक खाद पर 80% सब्सिडी और 5 किलोग्राम तक के पैकेट विक्रेताओं को बिक्री संबंधी लाइसेंस से छूट देकर जैविक खेती को व्यापक रूप से बढ़ाने का प्रस्ताव है.
स्मार्ट एग्रीकल्चर से प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावाः हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से 2,000 एकड़ के एक क्लस्टर में आधुनिकतम तकनीकों द्वारा स्मार्ट एग्रीकल्चर नाम से एक नई योजना द्वारा प्राकृतिक खेती शुरू करने का सरकार का प्रस्ताव है. इसमें यदि किसानों को किसी प्रकार का भी नुकसान होगा तो उसकी हर पाई की भरपाई हरियाणा सरकार द्वारा की जाएगी. इसके अतिरिक्त, सभी जिलों में स्मार्ट बागवानी तकनीकों जैसे संरक्षित खेती, एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाऊस, वर्टिकल फार्मिंग और ई-पेस्ट के अंतर्गत कुल 1,000 एकड़ क्षेत्र को लाने का भी मेरा प्रस्ताव है.
ग्रामीण हाट मंडियां खोलेगी सरकारः ग्रामीण उत्पादों की सीधी बिक्री हेतु प्रदेश भर में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा 'ग्रामीण हाट मंडियां' स्थापित की जाएगी, जिन्हें एफपीओ द्वारा निर्मित पैक हाउसेस से लिंक किया जाएगा. पहली ग्रामीण हाट मंडी का उद्घाटन किसान दिवस के मौके पर 23 दिसम्बर, 2026 को किया जाएगा. एफपीओ के बागवानी उत्पादन से लेकर मूल्य संवर्धन एवं विपणन तक एकीकृत संस्थागत समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से बागवानी विभाग का पुनर्गठन कर इसे 'बागवानी एवं विपणन विभाग' के रूप में स्थापित किए जाने का सरकार का प्रस्ताव है.
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पूरे साल करेगा कामः वर्ष 2026-27 में बागवानी फसलों के पंजीकरण के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा (एमएफएमबी) पोर्टल को पूरे वर्ष संचालित किया जाएगा और एक 'कोल्ड चेन नीति' लागू कर भंडारण, मूल्य स्थिरता के साथ-साथ निर्यात बढ़ौतरी लाने का भी सरकार का प्रस्ताव है. मोरनी ब्लॉक को एक प्राकृतिक/जैविक ब्लॉक के रूप में विकसित करने के लिए एक योजना इस वित्त वर्ष में लाई जाएगी.
मधुमक्खी पालन बीमा योजना में शामिलः हरियाणा बजट 2026-27 में बागवानी और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं. मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत फसलों के नुकसान पर मुआवजा बढ़ाया जाएगा, जबकि मधुमक्खी पालन को भी बीमा योजना में शामिल किया जाएगा. उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज उत्पादन, मशरूम उत्पादन को बढ़ावा और फलों-सब्जियों के परीक्षण की क्षमता बढ़ाने की योजना है.
2,000 महिलाओं को मिलेगा खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षणः इसके अलावा 775 एफपीओ को मजबूत किया जाएगा और महिला समूहों की 2,000 महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण देकर ग्रामीण हाट मंडियों से जोड़ा जाएगा. मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं. मछली खासकर झींगा पालन करने वालों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने और लोड सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है. मत्स्य किसानों की सुविधा के लिए नई मिट्टी और जल परीक्षण प्रयोगशालाएं, आधुनिक मछली बीज फार्म और नई मछली मंडियां और प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके अलावा पशुपालकों के प्रशिक्षण के लिए हिसार में बहुउद्देश्यीय पशुपालन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना भी घोषित की गई है.

