IDFC बैंक घोटाला: सदन में बोले सीएम सैनी- 'सरकार का पूरा पैसा मिल गया, पंचकूला में मुकदमा दर्ज'
590 करोड़ बैंक घोटाले में पंचकूला में केस दर्ज, चंडीगढ़ के बैंक कर्मचारी आरोपी, विधानसभा में हंगामा, सरकार ने पैसे वापस आने का दावा किया.

Published : February 24, 2026 at 12:59 PM IST
चंडीगढ़: 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है. इस मामले में पंचकूला में आईडीएफसी बैंक चंडीगढ़ और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक सेक्टर-32 चंडीगढ़ के कर्मचारियों समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि इस घोटाले को अंजाम देने में बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका है. पुलिस अब दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रही है. इस बात की जानकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में दी.
मुख्यमंत्री ने कहा- सरकार का पूरा पैसा वापस आ चुका: विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस पूरे मामले में 590 करोड़ रुपये की राशि सरकार के खाते में वापस जमा हो चुकी है. उन्होंने बताया कि बैंक ने 556 करोड़ रुपये मूल राशि और करीब 22 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में लौटाए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 24 घंटे के भीतर पूरा पैसा रिकवर कर लिया था. उन्होंने यह भी कहा कि इस घोटाले में बैंक की चंडीगढ़ शाखा के निचले स्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है.
ये हरियाणा के 2.80 करोड़ लोगों की मेहनत का पैसा है, इसकी तरफ कोई आँख उठाकर भी नहीं देख सकता...
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) February 24, 2026
जिस IDFC First Bank के पैसे की बात की जा रही थी वो सारा पैसा सरकार के खातों में वापस आ गया है।
लगभग 556 करोड़ रूपए जिसमें ब्याज के 22 करोड़ भी शामिल हैं, वो सारा पैसा 24 घंटे के… pic.twitter.com/rJxhRWJAK9
हाई लेवल कमेटी गठित, एंटी करप्शन ब्यूरो कर रही जांच: मुख्यमंत्री ने बताया कि "इस पूरे मामले की जांच के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी बनाई गई है. इसके साथ ही एंटी करप्शन ब्यूरो को भी जांच सौंपी गई है. ये कमेटी पूरे मामले की जांच कर दोषियों की पहचान करेगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही ये भी देखा जाएगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हों, इसके लिए क्या बदलाव जरूरी हैं. इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे."
सीएम सैनी का कांग्रेस पर तंज: इस दौरान सीएम ने विपक्ष को निशाने पर लिया और कहा कि पूर्व की सरकारों में घोटाले की फाइलें दब जाती थी, जबकि अब हरियाणा की शाशन प्रणाली बदली हुई है, अब वो दौर नहीं रहा, जब घोटालों को भी दबा दिया जाता था. इस पर कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया. बता दें कि कल जब ये मामला मीडिया में सामने आया, तो इसको लेकर सियासी हंगामा भी शुरू हो गया था.
मुख्यमंत्री के बयान पर सदन में फिर हुआ हंगामा: मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पैदल मार्च पर भी टिप्पणी की और कहा कि विपक्ष के कुछ विधायक तख्तियां लेकर विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार हर पैसे का हिसाब रख रही है और पूरा पैसा वापस आ चुका है. मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस विधायकों ने फिर विरोध जताया और सदन में हंगामा शुरू हो गया.
विधानसभा में उठा था मुद्दा, कांग्रेस ने किया था वॉकआउट: बता दें कि इस घोटाले का मुद्दा सोमवार को हरियाणा विधानसभा में जोर-शोर से उठा था. सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरा और जवाब की मांग की. इस दौरान सदन में जोरदार हंगामा हुआ और कांग्रेस विधायकों ने विरोध में वॉकआउट कर दिया. नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच इस मुद्दे पर बहस भी हुई. विपक्ष ने इस मामले को गंभीर बताते हुए पूरी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

