सीएम ने पंचकूला में फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन, बोले- 'कानून-व्यवस्था को एक मॉडल के रूप में स्थापित करना संकल्प'
SWAT Commando Course Panchkula: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया.

Published : February 18, 2026 at 8:59 AM IST
पंचकूला: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 17 फरवरी को पंचकूला स्थित कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित स्वैट कमांडो कोर्स के छठे बैच के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि "हमारा संकल्प पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों, बेहतर अवसंरचना और अत्याधुनिक प्रशिक्षण से सशक्त बनाकर हरियाणा की कानून-व्यवस्था को देश में एक मॉडल के रूप में स्थापित करना है. पुलिस बल के आधुनिकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5500 नए पुलिस जवानों की भर्ती प्रक्रिया जारी है."
फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि "छठे बैच के इस कोर्स में 88 जवान हैं, जिसमें 11 पीएसआई और 77 अन्य रैंक के जवान शामिल हैं. इन सभी को आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है." इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का भी उद्घाटन किया. इस अत्याधुनिक फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र से जवानों को वास्तविक परिस्थितियों का सटीक अनुभव प्रदान होगा. बताया गया कि इस केंद्र से जवानों को बिना जोखिम जटिल परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर मिलेगा, प्रतिक्रिया समय को बेहतर बनाएगा और उनकी फायरिंग में सटीकता आएगी. इससे प्रशिक्षण अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और परिणामोन्मुख बनेगा.
25 हजार 700 जवान प्रशिक्षित: मुख्यमंत्री ने कहा कि "कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला की स्थापना वर्ष 1984 में की गई, जहां 4 मार्च, 1985 से औपचारिक रूप से कमांडो प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उस समय प्रदेश के समक्ष उभरती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर इस केंद्र की परिकल्पना की गई थी, ताकि विशेष अभियानों के लिए उच्च प्रशिक्षित बल तैयार किया जा सके. लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में फैला यह प्रशिक्षण केंद्र आज हरियाणा पुलिस की शौर्यगाथा का जीवंत अध्याय है. यहां बेसिक कमांडो कोर्स से लेकर स्वैट कमांडो कोर्स समेत 12 प्रकार के विशेष पाठ्यक्रम संचालित हैं. अब तक यहां से 25 हजार 700 जवान प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रदेश और देश सेवा में समर्पित हो चुके हैं."
कमांडो ट्रेनिंग सेंटर नई तकनीक से सुसज्जित: मुख्यमंत्री ने कहा कि "जब कोई जवान स्वैट कमांडो बनता है तो वह केवल एक रैंक नहीं पाता, बल्कि राज्य की सुरक्षा का सबसे सशक्त प्रहरी बनता है. स्वैट कमांडो कोर्स के दौरान जवानों ने एंटी-टेरर ऑपरेशन, क्लोज क्वार्टर बैटल, ड्रोन ऑपरेशन, आईईडी हैंडलिंग और फायर फाइटिंग जैसी विशेष तकनीकों में दक्षता हासिल की है. आज समय पारंपरिक अपराधों से आगे बढ़ चुका है. आतंकवाद, संगठित अपराध, साइबर-समर्थित हमले और ड्रोन आधारित खतरे जैसी चुनौतियां सामने हैं. ऐसे में स्वैट जैसी विशेष इकाई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है."
सीएम नायब सैनी ने कहा कि "कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला, आने वाले समय में और भी नई तकनीकों से सुसज्जित होगा. यहां सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, वर्चुअल रियलिटी मॉड्यूल और इंटर-एजेंसी संयुक्त अभ्यास को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा. सरकार का प्रयास है कि हर जवान केवल शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक और तकनीकी रूप से भी पूरी तरह सक्षम हो."
पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि "राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर काम कर रही है. आधुनिक हथियार, बेहतर बुलेटप्रूफ उपकरण, संचार प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, साइबर लैब की स्थापना और प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन, ये सभी कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं. सरकार का लक्ष्य, हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाना है. उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है."
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कमांडो सम्मानित: इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वैट कमांडो कोर्स के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कमांडो को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया. इससे पहले मुख्यमंत्री ने कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में विभिन्न सुरक्षा उपकरणों और आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन किया. इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक, अजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पुलिस विभाग के कल्याण और सुधार के लिए सदैव तत्पर रहते हैं.
हरियाणा DGP ने दी बधाई: अजय सिंघल ने कहा कि "मुख्यमंत्री की सोच है कि पुलिस के जवानों का मनोबल कभी कम नहीं होना चाहिए." अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी, सौरभ सिंह ने स्वैट कमांडो कोर्स पूरा करने वाले जवानों को बधाई देते हुए कहा कि तीन महीने के कोर्स के दौरान जवानों को गंभीर परिस्थितियों से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है. कार्यक्रम के दौरान स्वैट कमांडो द्वारा वॉक अबाउट ड्रिल, होस्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन, योग, टाईल ब्रेकिंग, लाइव फायरिंग व अन्य साहसिक गतिविधियों का शानदार प्रदर्शन किया गया.

