डिजिटल मॉनिटरिंग, वर्किंग वुमन डेटा बेस और ऑनलाइन एजुकेशन पर जोर, सीएम ने समीक्षा बैठक में दिए कई निर्देश
रांची में सीएम हेमंत सोरेन ने बैठक कर कई विभागों की योजनाओं की समीक्षा की.

Published : April 27, 2026 at 11:27 PM IST
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए. खासकर एनजीओ के माध्यम से संचालित योजनाओं में पारदर्शिता, डिजिटलाइजेशन और सख्त मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया.
एनजीओ के कार्यों का डिजिटल डाटा होगा तैयार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यों का डिजिटल डेटा बेस तैयार किया जाए और उनकी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे.
वर्किंग वुमन के लिए बनेगा राज्यव्यापी डेटा बेस
इस बैठक में “मिशन शक्ति” के तहत संचालित सखी निवास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में कामकाजी महिलाओं का समग्र डेटा बेस जल्द तैयार किया जाए. इस योजना के तहत महिलाओं को सुरक्षित आवास और डे-केयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
SHG को मिलेगा योजनाओं में मौका
मुख्यमंत्री ने “शक्ति सदन” जैसी योजनाओं के संचालन में स्वयं सहायता समूहों (SHG) को शामिल करने की कार्य योजना बनाने को कहा, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़े और रोजगार के अवसर भी सृजित हों.
मिशन वात्सल्य और ओल्ड एज होम की समीक्षा
“मिशन वात्सल्य” के तहत संचालित बाल गृह और ओल्ड एज होम की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इनके संचालन में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
डिजिटल और ऑनलाइन एजुकेशन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में डिजिटल और ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए ठोस योजना बनाई जाए. साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि कल्याण विभाग के तहत अस्पताल, हॉस्टल और स्कूलों के साथ नर्सिंग कॉलेज भी संचालित किए जाएं, क्योंकि इस क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं.
युवाओं के रोजगार और पोषण योजना पर निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, जिससे युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके. इसके साथ ही छात्रावास पोषण योजना को जिला स्तरीय कमेटी के माध्यम से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए.
शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास पर फोकस
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और छात्रावासों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।बैठक में राज्य के मुख्य सचिव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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