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जेयूटी डिप्लोमा बैकलॉग परीक्षा और रिजल्ट में देरी पर मुख्यमंत्री सचिवालय सख्त, विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगा जवाब

जेयूटी डिप्लोमा बैकलॉग परीक्षा और रिजल्ट में देरी पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने संज्ञान लिया है.

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झारखंड मंत्रालय. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 29, 2026 at 7:29 PM IST

3 Min Read
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रांचीः झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (JUT) से संबद्ध डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की बैकलॉग परीक्षाओं और रिजल्ट में लगातार हो रही देरी पर अब मुख्यमंत्री सचिवालय ने संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस पूरे मामले में उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजकर विस्तृत जवाब मांगा है. यह कार्रवाई टेक्निकल छात्र संघ द्वारा की गई शिकायत के बाद हुई है.

टेक्निकल छात्र संघ ने की थी शिकायत

टेक्निकल छात्र संघ ने दिसंबर महीने में ई-मेल के माध्यम से मुख्यमंत्री सचिवालय और संबंधित विभागों को अवगत कराया था कि सत्र 2017-20 से लेकर 2022-25 तक के हजारों डिप्लोमा बैकलॉग छात्र-छात्राओं से परीक्षा के लिए करीब छह महीने पहले फॉर्म भरवा लिए गए, लेकिन अब तक न तो परीक्षा आयोजित की गई और जो परीक्षाएं पूर्व में ली गई थी न उनके परिणाम जारी किए गए हैं. इससे छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है.

छात्र संघ का कहना है कि परीक्षा नहीं होने और समय पर रिजल्ट जारी न होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का करियर बर्बाद हो रहा है. कई छात्र ऐसे हैं जिनका विभिन्न कंपनियों में प्लेसमेंट हो चुका था, लेकिन समय पर रिजल्ट नहीं मिलने के कारण उनका चयन भी रद्द हो गया. इससे न सिर्फ छात्रों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है.

विश्वविद्यालय प्रबंधन पर उदासीनता का आरोप

टेक्निकल छात्र संघ के अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे पहले भी कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय के अधिकारी केवल एमओयू करने तक सीमित रह गए हैं, जबकि हजारों गरीब छात्र-छात्राएं परीक्षा और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य को लेकर किसी को कोई चिंता नहीं है.

विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठे सवाल

वहीं छात्र नेता तुलसी महतो ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की भारी कमी है, जिसके कारण सभी कार्यों में लगातार विलंब हो रहा है. समय पर परीक्षा नहीं होना और रिजल्ट जारी न करना पूरी तरह से लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है. उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया.

छात्र नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी

छात्र नेताओं का कहना है कि अगर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो छात्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे. उनकी मांग है कि सभी लंबित बैकलॉग परीक्षाएं तत्काल आयोजित की जाएं और जिन परीक्षाओं के परिणाम लंबित हैं उन्हें बिना देरी के जारी किया जाए, ताकि गरीब और मेहनती छात्र-छात्राओं का समय और करियर बर्बाद न हो.

मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद अब छात्रों को उम्मीद जगी है कि इस गंभीर समस्या का समाधान निकलेगा. अब देखना यह होगा कि उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर क्या जवाब देते हैं और कब तक छात्रों को राहत मिल पाती.

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