नीति माणा जनजाति समागम सम्मेलन में सीएम धामी, पारंपरिक वेशभूषा में आये नजर
सीएम धामी के कहा केंद्र सरकार के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 21, 2026 at 3:56 PM IST
चमोली: सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में आयोजित तीन दिवसीय जनजातीय समागम सम्मेलन के समापन दिवस पर शिरकत की. इस दौरान उन्होंने जनजातीय संस्कृति की सराहना करते हुए समुदाय के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.
जनपद चमोली के बिरही बेड़ू बगड़ में जनजाति समुदाय की ओर से तीन दिवसीय जनजातीय समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के समापन दिवस पर मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पीपलकोटी पहुंचे. जहां से वे सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक गए. इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे आयोजकों ने गाजे-बाजे की थाप पर पोणा नृत्य करते हुए मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया.
आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें—शीतकालीन आवास हेतु भूमि का निस्तारण,भोटिया पड़ाव बेड़ू बगड़ की भूमि को जनजातीय हित में संरक्षित करना,गौरा देवी के नाम पर भोटिया पड़ाव में मूर्ति स्थापना,पर्यावरण संरक्षण आधारित पार्क का निर्माण शामिल हैं.
Live: नीति माणा जनजाति कल्याण समिति चमोली, द्वारा आयोजित ‘जनजाति समागम–2026' https://t.co/7AqYDuKW6m
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 21, 2026
मुख्यमंत्री पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखकर भावुक दिखाई दिए. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड की परंपराएं और संस्कृति विश्व में अपनी अलग पहचान रखती हैं. उन्होंने बताया विभिन्न स्थानों पर भोटिया पड़ाव की भूमि को जनजातीय समुदाय के नाम करने की प्रक्रिया जारी है. सरकार इस मामले में जल्द निर्णय लेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने जनजातीय विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों ने जनजातीय समुदाय को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया. उन्होंने यह भी कहा कि सीमांत गांव सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है. इनके विकास के लिए करोड़ों की योजनाएं संचालित की जा रही हैं. जिनमें सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
सीएम धामी ने कहा प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 128 गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां रोजगार के साथ ही बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस किया जा रहा है. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने जनजातीय समाज के लिए आवंटित होने वाले बजट को बढ़ाकर 3 गुना कर दिया है. आज जनजातीय समुदाय को बुनियादी सुविधाओं का लाभ भी मिल रहा है.
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