उत्तराखंड की सड़क अवसंरचना को 7 हजार करोड़ की मिली मंजूरी, सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी उड़ान
उत्तराखंड के सड़क नेटवर्क को सशक्त बनाने को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले सीएम धामी, इन परियोजनों को केंद्र से मिली हामी

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 30, 2026 at 6:29 PM IST
देहरादून: नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई. जिसमें सीएम पुष्कर धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने प्रतिभाग किया. बैठक में उत्तराखंड से संबंधित सड़क एवं अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.
सीएम धामी ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक एवं रणनीतिक महत्ता, तीर्थाटन, पर्यटन के साथ आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को मद्देनजर रखते हुए सुदृढ़ व आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने लंबित प्रस्तावों पर जल्द सकारात्मक निर्णय का अनुरोध किया.
📍नई दिल्ली
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) June 30, 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी, केंद्रीय राज्यमंत्री श्री @AjayTamtaBJP जी और अधिकारियों के साथ उत्तराखंड में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की।#PragatiKaHighway #GatiShakti pic.twitter.com/cnYFFcj0V5
750 करोड़ रुपए लागत की परियोजनाओं को मिली स्वीकृति: केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत साल 2026-27 के लिए राज्य सरकार को लगभग 750 करोड़ रुपए लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति पर सहमति मिली. इसके साथ ही NHO के अंतर्गत 5 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई. जिनकी कुल अनुमानित लागत करीब 2,966 करोड़ रुपए है.
इन परियोजना के लिए धनराशि अवमुक्त कराने का अनुरोध: इनमें श्रीनगर बाईपास का PMC, पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार मार्ग की फोर-लेनिंग, लोहाघाट एवं पिथौरागढ़ बाईपास की एलाइनमेंट, मझोला से खटीमा के आबादी भाग में फोर-लेन विस्तार और रामनगर–रानीखेत (मोहन) मार्ग का सुदृढ़ीकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं. सीएम धामी ने साल 2025-26 तक की 530.11 रुपए करोड़ की लंबित प्रतिपूर्ति राशि जल्द अवमुक्त करने का भी अनुरोध किया.
हरिद्वार और कोटद्वार बाईपास परियोजना पर सहमति: वहीं, सीएम धामी ने आगामी अर्धकुंभ मेला 2027 के मद्देनजर हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा कराने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि इससे ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी. श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी. उन्होंने कोटद्वार बाईपास परियोजना के कार्यों में भी तेजी लाने का अनुरोध किया. इन दोनों ही प्रस्तावों को सहमति दी गई है.
अल्मोड़ा के इस परियोजना पर हुई सैद्धांतिक सहमति: सीएम धामी ने राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) पर स्पर (Spur) के माध्यम से अन्य मार्गों के संयोजन के लिए कुछ परियोजनाओं के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक सहमति दिए जाने का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक सहमति व्यक्त की. इसके अलावा अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनएच 309 तक टनल समेत मोटर मार्ग निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपए की परियोजना पर चर्चा और सैद्धांतिक सहमति हुई.

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के ट्रीटमेंट को लेकर स्वीकृति: इसके अलावा आपदा प्रबंधन में सफल और कुशल कार्यों के मद्देनजर सीएम धामी ने उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्यों के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) करने का अनुरोध किया. जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित हो सके. जिसे मंत्रालय ने स्वीकृत कर दिया है.
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे और जोशीमठ बाईपास के संशोधित प्रस्तावों पर स्वीकृति का अनुरोध: सीएम धामी ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित लंबित मामलों खासकर ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना-तेखला-नेताला-गरमपानी खंड की डीपीआर और जोशीमठ बाईपास मार्ग के संशोधित प्रस्तावों (COS) को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया.
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि अत्यंत कम दरों पर मिले निविदाओं के मामलों में अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किया जाए. ताकि, पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं स्लोप ट्रीटमेंट के काम समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें.
ये भी पढ़ें-

