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चंपावत में चौबे होली का सीएम ने किया शुभारंभ, होल्यारों ने छेड़े साज, जमकर जमा रंग

चंपावत की चौबे होली मुगल काल से चली आ रही है. चम्पावत के चराल क्षेत्र में चन्द शासकों ने इसका गायन किया था.

CHAMPAWAT CHAUBE HOLI
चंपावत में चौबे होली की धूम (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 24, 2026 at 6:38 PM IST

2 Min Read
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खटीमा: चंपावत जिला मुख्यालय में आज से शुरू दो दिवसीय होली महोत्सव का सीएम पुष्कर धामी ने वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया. इस अवसर सैकड़ों होल्यारों ने कुमाऊंनी संस्कृति के समृद्ध विरासत होली पर्व के गीतों का गायन एवं नृत्य किया. सीएम धामी ने होली आयोजन में पहुंचे सभी को होली आयोजन की शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर 9 होल्यारों की टीमों ने होली महोत्सव में प्रतिभाग किया.

जिला मुख्यालय में पहली बार आयोजित चौबे होली का मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी द्वारा वर्चुअल शुभारम्भ किया. दो दिवसीय चौबे होली में पहले दिन क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया. उद्धघाटन अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा खड़ी होली उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परम्परा का अभिन्न अंग है. यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत, लोकसंगीत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है.

चंपावत में चौबे होली की धूम (ETV Bharat)

राज्य सरकार लोककला एवं लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है. मुख्यमंत्री ने कहा चम्पावत को आदर्श एवं श्रेष्ठ जिला बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास योजनाओ व परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर हैं. उन्होंने कहा सरकार महिला सशक्तिकरण के तहत महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ केंद्रों के विस्तार से महिला को मजबूत बनाने का काम कर रही है. जिससे आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं.

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी लोकसंस्कृति और परम्पराओं से जुड़े रहें. आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाए रखें. मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता पर समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं. नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध परम्पराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

समिति के अध्यक्ष हेमेश कलखुडिया ने बताया चम्पावत की चौबे होली मुगल काल से चली आ रही है. चम्पावत के चराल क्षेत्र में चन्द शासकों ने इसका गायन किया था. जिसमें अच्छा प्रदर्शन करने वालों को राजा पुरूस्कृत करते थे. धीरे धीरे यह होली बन्द हो गयी. इसे फिर से पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है. जिसके तहत आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया है. उन्होंने बताया पहले दिन 9 होल्यारों की टीमें प्रतिभाग कर रही हैं.

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