सीएम भजनलाल बोले- कांग्रेस के भ्रष्टाचार ने कमजोर किया मनरेगा, नई योजना में 125 दिन का रोजगार
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि मनरेगा भ्रष्टाचार भेंट चढ़ गई थी. नई योजना से स्थायी महत्व के काम होंगे.

Published : January 7, 2026 at 6:46 PM IST
जयपुर: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर 'विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी)' लाए जाने को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कमजोर प्रशासन और भ्रष्टाचार के कारण मनरेगा अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हो पाई थी, जबकि नया अधिनियम इन कमियों को दूर कर ग्रामीण रोजगार को मजबूती देगा. इधर, सीएम की प्रेस वार्ता के बाद नेता प्रतिपक्ष ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वीबी-जी राम जी योजना गरीब वर्ग की पीठ में छुरा घोंपने जैसी है. उन्होंने तंज कसा कि मुख्यमंत्री मात्र'दिल्ली के संदेशवाहक' हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी गलत मंशा के चलते मनरेगा के काम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए और गांवों के समग्र विकास से नहीं जुड़ पाए. फर्जी जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताएं आम थीं, जबकि सोशल ऑडिट महज औपचारिकता बनकर रह गया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत मंशा के चलते मनरेगा के तहत किए गए अधिकांश कार्य गांवों की समग्र विकास योजनाओं से नहीं जुड़ पाए. इनमें अस्थायी सड़कों, अधूरी जल संरचनाओं और बिना योजना के मिट्टी के कार्य करवाए जाते थे, जिनकी कोई दीर्घकालिक उपयोगिता नहीं थी.
मनरेगा में भ्रष्टाचार और योजनाओं का लीकेज कांग्रेस की देन pic.twitter.com/GC2wruZEu1
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) January 7, 2026
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मख्यमंत्री शर्मा ने नए अधिनियम की विशेषताएं गिनाते हुए बताया कि अब सालाना रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है. खेती के दिनों में श्रमिकों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए राज्य सरकारों को 60 दिनों का कार्य विराम घोषित करने का अधिकार दिया गया है. योजना के तहत जल संसाधन, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन से जुड़े टिकाऊ कार्य कराए जाएंगे. उन्होंने कहा कि जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी. हर छह माह में डिजिटल तथ्यों के साथ सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा और एक निश्चित समय-सीमा वाली डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली लागू की जाएगी. मजदूरी का भुगतान अब हर सप्ताह करना अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक देरी होने पर स्वतः मुआवजा मिलेगा.
सहकारी संघवाद का मॉडल है जी राम जी: उन्होंने कहा कि टिकाऊ और जवाबदेह वित्तीय मॉडल पर आधारित वीबी-जी राम जी अधिनियम में हर वर्ष के लिए एक स्पष्ट और तय बजट निर्धारित किया जाएगा. मांग के अनुसार काम उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले की तरह बनी रहेगी. इसमें राज्यों को कुल 17 हजार करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त आवंटन होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यय की सीमा बढ़ाकर 9 प्रतिशत की गई है, ताकि पर्याप्त स्टाफ और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके. यह सहकारी संघवाद का मॉडल है, जिसमें राज्यों की 40 प्रतिशत भागीदारी से जवाबदेही बढ़ेगी. उन्होंने कांग्रेस पर नए कानून के बारे में भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब गांवों की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से सुनियोजित ढंग से काम करवाए जाएंगे. बता दें कि इस मामले में कांग्रेस लगातार हमला कर रही थी. कांग्रेस की और से लगाए जा रहे आरोपों पर देश भर में भाजपा नेता जवाबी हमला कर रहे हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार कर चुके हैं.

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री को बताया 'दिल्ली के संदेशवाहक': 'वीबी-जी राम जी' योजना को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तीखा हमला बोला है. जूली ने कहा कि यह योजना राजस्थान के ग्रामीण परिवेश और गरीब वर्ग की पीठ में छुरा घोंपने जैसी है. जूली ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 'जो व्यक्ति पंचायतीराज व्यवस्था से उभरा, वही आज ग्राम सभाओं के अधिकारों का गला घोंटने वाली योजना का ब्रांड एंबेसडर बन गया है. यह ग्रामीण लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है.' उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राज्य के हितों की रक्षा करने के बजाय केवल दिल्ली के 'संदेशवाहक' बनकर रह गए हैं. नेता प्रतिपक्ष ने फंडिंग पैटर्न में बदलाव पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मनरेगा का खर्च पहले केंद्र वहन करता था, लेकिन अब 60:40 के अनुपात में 40% बोझ राज्य पर डालना तानाशाही है, जिससे राजस्थान के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. जूली ने स्पष्ट किया कि 'वीबी-जी राम जी' न केवल नाम बदलाव है, बल्कि मनरेगा के 'कानूनी अधिकार' के मूल सिद्धांत पर हमला है. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस जनविरोधी नीति का सदन से लेकर सड़क तक कड़ा विरोध करेगी.

