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सीएम बोले-घुमंतू समाज का देश की संस्कृति, परंपरा और अर्थ व्यवस्था में योगदान, सरकार समाज के साथ

विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समाज के सम्मलेन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इनके पूर्वजों ने बाहरी घुसपैठियों और अंग्रेजों से लोहा लिया.

CM addresses the event
कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 22, 2026 at 5:44 PM IST

5 Min Read
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जयपुर: राजधानी जयपुर में अंबाबाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर में रविवार को विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू कर्मचारी, व्यवसायी व प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन समाजों का गौरवशाली इतिहास रहा है. देश की संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था में भी इन समाजों का अहम योगदान रहा है. उन्होंने कहा, राजस्थान की भाजपा सरकार इन समाजों के साथ है. सरकार इन समाजों में छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने इन समाजों के युवाओं और महिलाओं से भी आगे आने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समाज को आश्वस्त करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार हमेशा आपके साथ खड़ी है.

'बाहरी घुसपैठियों और अंग्रेजों से लोहा लिया': समाज के लोगों के परिश्रम और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. आपका योगदान संस्कृति और अर्थव्यवस्था दोनों में महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि आजादी से पहले इन समाजों ने संघर्ष की मिसाल पेश की. इनके पूर्वजों ने बाहरी घुसपैठियों और अंग्रेजों से लोहा लिया. अंग्रेजी शासन में ये समाज उनकी आंखों में चुभते थे, इसलिए इनके साथ अन्याय किया गया.

सीएम ने घूमंतू समाज को दिलाया ये भरोसा, देखें वीडियो (ETV Bharat Jaipur)

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'अदम्य इच्छाशक्ति को बनाए रखना ही ताकत': मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह समाज केवल सांस्कृतिक पहचान का वाहक नहीं, बल्कि देश की आर्थिक धूरी का केंद्र भी रहा है. लोहे का सामान बेचने वाले, पारंपरिक व्यापारी, पशुपालक और बंजारा समुदाय ने गांव-गांव जाकर अर्थव्यवस्था को गति दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समाज में अदम्य इच्छाशक्ति है और उसे बनाए रखना ही असली ताकत है. इन समाजों की एकजुटता इस बात का प्रमाण है कि अब इस समाज की शक्ति को कोई रोक नहीं सकता.

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बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के किए चल स्कूल: उन्होंने सम्मेलन को संकल्प सभा बताते हुए कहा कि सदियों पुरानी उपेक्षा को मिटाने का संकल्प है. अपनी पहचान को सम्मान दिलाने का और विकास की मुख्यधारा में अटल स्थान बनाने का संकल्प है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार घुमंतू, विमुक्त और अर्द्ध-घुमंतू परिवारों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है. बजट में सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चल स्कूलों की घोषणा गई ताकि घुमंतू परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर मिले.

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'विभाजन की राजनीति ने पहुंचाया नुकसान': हमने इन समाजों के परिवारों को पट्टे दिलवाने और आवास मुहैया करवाने की दिशा में काम किया है. कौशल और पारंपरिक ज्ञान को रोजगार से जोड़ने की पहल की है. उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि 12 जनवरी को लाई गई युवा नीति का लाभ उठाएं और अपनी प्रतिभा को आगे लाएं. उन्होंने कहा कि इन समाजों के लोग अपने काम के लिए लोन लेना चाहते हैं तो सरकार बैंक में गारंटी देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जातियों के बीच विभाजन की राजनीति ने समाज को नुकसान पहुंचाया है. वे बोले, अब सरकार जातिवाद की खाई को पाटने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.

People from the community present at the event
कार्यक्रम में मौजूद समाज के लोग (ETV Bharat Jaipur)

11 सूत्रीय मांगपत्र पर करेंगे सकारात्मक विचार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन समाजों के पारंपरिक कौशल की सराहना करते हुए कहा कि गांवों की अर्थव्यवस्था में इनका ऐतिहासिक योगदान रहा है. त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति इस समुदाय के योगदान को कोई नहीं भूल सकता है. सरकार को दिए गए 11 सूत्रीय मांग पत्र पर भी उन्होंने सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिलाया. सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के लोग परिवार सहित पहुंचे. मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि समाज के उत्थान का सरकार का संकल्प है. जहां भी आप हैं, वहां विकास और सम्मान पहुंचे. यह हमारी जिम्मेदारी है.

'आजादी के बाद भी नहीं मिली आजादी': राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य हनुमान सिंह ने कहा, यह दुर्भाग्य है कि अंग्रेजों ने अपने व्यापार, कला और साहसिक कार्यों से देश की रक्षा करने वाले समाज पर जरायम पेशा का ठप्पा लगा दिया. यहां तक की इन समाजों की महिलाओं को भी अपराधी घोषित कर दिया गया. वे बोले, अंग्रेज बाहर से आए थे, लेकिन जब देश आजाद हुआ तब भी इन समाजों के पूर्वजों को आजादी नहीं मिली. आजाद भारत में लंबे समय तक इन्हें अंग्रेजों द्वारा लगाए गए ठप्पे से आजादी नहीं मिली. वे बोले, अब हम उनकी झुग्गी-झोंपड़ियों तक जाएंगे और सरकार की योजनाओं का लाभ इन्हें दिलवाएंगे.