उत्तराखंड में क्लाउड किचन योजना की शुरुआत, हरिद्वार से हुई 'गंगा रसोई' की पहल
महिला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरिद्वार में क्लाउड किचन योजना की शुरुआत.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 4, 2026 at 3:47 PM IST
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से सबसे पहले क्लाउड किचन योजना की शुरुआत की गई है. जिसमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं 'गंगा रसोई' के नाम से खास कैंटीन व्यवसाय शुरू करने जा रही हैं. हरिद्वार के ग्रामीण विकास इनक्यूबेटर केंद्र में महिलाओं की 6 दिवसीय ट्रेनिंग खत्म हो गई है. इस अनोखी क्लाउड किचन सर्विस के जरिए महिलाएं कम बजट में अपने घरों से किचन संचालित कर शुद्ध, साधारण और पौष्टिक भोजन परोसकर रोजगार कर सकेंगी.
दरअसल, जिले में महिला समूह को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में एक नई पहल की गई है. जिसमें क्लाउड किचन के माध्यम से रोजगार के अवसर सुदृढ़ करने के लिए महिलाओं को क्लाउड किचन का प्रशिक्षण ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेटर सेंटर में किया गया. जिसका समापन मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर किया.
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी महिलाओं ने कड़ी मेहनत और लगन से क्लाउड किचन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है. जिसके लिए वह अब अपने किचन से ही खाना तैयार कर उपभोक्ताओं को उनका मनपसंद खाना उपलब्ध हो सकेगा और महिलाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और उनकी आर्थिकी भी मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि हरिद्वार प्रदेश का पहला जिला है, जहां महिलाओं को क्लाउड किचन का प्रशिक्षण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान/राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और पीएनबी शताब्दी ग्राम विकास न्यास के सहयोग से दिया गया है.
जिले में कई औधोगिक क्षेत्र हैं, इसके साथ ही कई शैक्षिक संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिसमें काम करने वाले लोगों और अध्ययनरत छात्रों को घर जैसे और उनका मनपसंद खाना उपलब्ध हो सकेग. इसके लिए सिडकुल और उद्योग विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी महिलाओं का पूर्ण सहयोग किया जाएगा. उन्होंने कहा कि क्लाउड किचन में कार्य कर रही महिलाओं को 'गंगा रसोई' के नाम से पहचान जाएगा.
लीड बैंक मैनेजर दिनेश गुप्ता ने कहा कि मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने महिलाओं को आश्वस्त किया कि क्लाउड किचन शुरू करने के लिए बैंक द्वारा उन्हें ऋण उपलब्ध कराए जाने के लिए पूरा सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.
उधर, रोजगार की ट्रेनिंग मिलने के बाद लाभार्थी महिलाएं भी उत्साहित नजर आई. उन्हें अब स्वरोजगार की दिशा में अपना उज्ज्वल भविष्य नजर आ रहा है. इसके लिए उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि घर से ही रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर होना पड़ेगा.
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