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Sonam Wangchuk Controversy : वांगचुक की रिहाई पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, समर्थकों ने जोधपुर में किया प्रदर्शन

जोधपुर में सोनम वांगचुंग के समर्थकों को पुलिस ने रोका. विभिन्न संगठनों ने रिहाई की मांग को लेकर किया प्रदर्शन.

Protest in Jodhpur
सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर जोधपुर में प्रदर्शन (ETV Bharat Jodhpur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 25, 2026 at 5:13 PM IST

3 Min Read
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जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई प्रस्तावित है. इस बीच बुधवार को जोधपुर के केंद्रीय कारागृह के बाहर विभिन्न संगठनों ने रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. हालांकि, पुलिस ने उन्हें जेल के सामने नहीं जाने दिया और जेल से ठीक पहले ही सड़क पर रोक दिया.

जिसके बाद संगठनों के कार्यकर्ताओं ने वहीं पर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के चलते पुलिस ने जेल के पास स्थित सीएमएचओ कार्यालय सहित पास के अन्य रास्ते ब्लॉक कर दिए थे, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. रिटायर्ड कर्नल सर्वदमन सिंह जो अरावली बचाओ मुहिम में अगुवा रहे थे, वे भी इस प्रदर्शन के लिए जोधपुर पहुंचे. उन्होंने बताया कि 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में रिहाई पर सुनवाई है. सरकार अभी तक कोई भी ठोस सबूत वांगचुक के खिलाफ पेश नहीं कर पाई है, जिससे उन पर आरोप साबित हो सके. ऐसे में उम्मीद है कि कल रिहाई हो सकती है. उन्होंने बताया कि कल अरावली की भी सुनवाई होना प्रस्तावित है. प्रदर्शन के बाद संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा.

सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन, सुनिए किसने क्या कहा... (ETV Bharat Jodhpur)

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पीपल यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की राष्ट्रीय अध्यक्ष कविता श्रीवास्तव ने बताया कि सोनम वांगचुक को पांच माह इस जेल मेंं हो चुके हैं. यह नजरबंद कानून खुद ही गैर कानूनी माना जाता है. राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट सरकार से कह रहा है कि इस पर विचार करो, लेकिन आदेश नहीं दे रहा है. वांगुचक सरकार का वादा पूरा करने की मांग कर रहे हैं. उनको तुरंत रिहा करने जरूरत है.

श्रीवास्तव ने बताया कि आने वाले समय में बहुत बड़ी संख्या में लोग यहां आगे प्रदर्शन में शामिल होने आएंगे. सामा​जिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार जो अरावली को लेकर पद यात्रा कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि हम वांगचुक की रिहाई के समर्थन व गिरफ्तारी के विरोध में उनसे मिलने आए थे, लेकिन हमें पुलिस ने रोक दिया. हम चाहते हैं कि उनकी जल्द रिहाई हो.

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5 महीने से जोधपुर जेल में बंद हैं वांगचुक : सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लद्दाख से जोधपुर जेल शिफ्ट किया गया था. इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजली ने सुप्रीम कोर्ट में उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत की गई गिरफ्तारी को चुनौति देते हुए याचिका दायर की थी. उस पर सुनवाई जारी है. इधर सोनम वांगचुक ने भी जेल के अनुभव अपनी प​त्नी को शेयर किए, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वांगचुक जोधपुर जेल के बैरक को साल भर ठंडा रखने के लिए वैज्ञानिक प्रयोग करना चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंने कुछ उपकरण भी मांगे. इतना ही नहीं, वांगचुक ने अपने अनुभव में यह भी पत्नी को बताया कि लद्दाख का होने के बावजूद मुझे यहां ज्यादा सर्दी महसूस हुई.