दिवंगत NEET छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मिले CJP प्रवक्ता रांका, मुआवजे का दिलाया भरोसा
मुलाकात के दौरान रांका ने अभिजीत दीपके से परिवार की वीडियो कॉल पर बातचीत भी करवाई.

Published : September 2, 2026 at 9:48 AM IST
सीकर: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका मंगलवार को दिवंगत NEET छात्र प्रदीप मेघवाल के घर पहुंचे. उन्होंने जमीन पर पूरे परिवार के साथ बैठकर मुलाकात की और उनकी समस्याएं जानी. साथ ही हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.
प्रदीप के पिता राजेश मेघवाल ने बताया कि सरकार की ओर से परिवार की ओर से की गई अधिकांश मांगें पूरी हो चुकी हैं, लेकिन मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिली है. इस पर आशुतोष रांका ने परिवार को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार के दावे के अनुसार प्रत्येक पीड़ित परिवार को आगामी तीन महीने में एक करोड़ रुपए की मुआवजा राशि दी जाएगी. उन्होंने कहा कि कोई भी रकम प्रदीप की कमी पूरी नहीं कर सकती, लेकिन इससे परिवार को नई शुरुआत करने में मदद मिल सकती है.
अभिजीत दीपके से वीडियो कॉल पर बातचीत भी करवाई : मुलाकात के दौरान रांका ने अभिजीत दीपके से परिवार की वीडियो कॉल पर बातचीत भी करवाई. इस दौरान दीपके ने परिवार को आगे भी साथ रहने और हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया. आशुतोष रांका ने प्रदीप के घर की स्थिति देखकर कहा कि परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों में रह रहा है. घर कई जगह से जर्जर दिखाई दे रहा है. प्रदीप के माता-पिता ने अपना घर बनाने की बजाय अपनी जमा पूंजी बेटे की पढ़ाई पर खर्च की. प्रदीप गरीब परिवार से होने के बावजूद पढ़ाई में बेहद होनहार और मेहनती था.
परिवार को मुआवजे का इंतजार : रांका ने कहा कि देश के कई बच्चों को भ्रष्ट व्यवस्था के कारण खोना पड़ा है. CJP ऐसे परिवारों के साथ आगे भी खड़ी रहेगी और बच्चों के लिए संघर्ष जारी रखेगी. प्रदीप के पिता राजेश मेघवाल ने कहा कि उनका बेटा चला गया, लेकिन किसी और परिवार का प्रदीप इस तरह नहीं जाना चाहिए. उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानून की मांग को लेकर हुए आंदोलनों का जिक्र किया. साथ ही कहा कि सरकार की ओर से मांगें मान लिए जाने के बाद अब परिवार को मुआवजे का इंतजार है.
आज सरकार द्वारा सभी माँगो को मान लेने के बाद सीकर के प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाक़ात हुई।
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 1, 2026
एक बेहद गरीब परिवार से आने वाला प्रदीप बहुत होनहार और मेहनती लड़का था। नीट का उसका पहला पेपर बहुत अच्छा गया था, लेकिन पेपर लीक का पता पड़ने के बाद वो दर्द सहन नहीं कर पाया और आत्महत्या… pic.twitter.com/m2fRfjW2YY
पेपर लीक की खबर सुन की थी आत्महत्या : प्रदीप मेघवाल उदयपुरवाटी क्षेत्र के रहने वाला था. वह सीकर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था. घर की कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद परिवार ने बेटे की पढ़ाई और नीट की तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी. उन्हें उम्मीद थी कि प्रदीप डॉक्टर बनकर परिवार की हालत बदल देगा, लेकिन हालात ने सब कुछ बदल दिया. पेपर लीक होने के बाद प्रदीप मेघवाल ने आत्महत्या कर ली. परिवार के अनुसार प्रदीप का पहला नीट का पेपर अच्छा हुआ था, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया.

