ETV Bharat / state

CJI बनने के बाद पहली बार पैतृक धरती पर पहुंचे सूर्यकांत, पुरानी यादों को किया ताजा, बोले- "मां कहती थीं जज बनो और दिल से न्याय करो"

हिसार पहुंचने पर CJI सूर्यकांत का जोरदार स्वागत किया गया. इस दौरान उन्होंने पुरानी यादों को ताजा किया.

CJI Surya Kant
CJI Surya Kant (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : January 10, 2026 at 9:34 AM IST

|

Updated : January 10, 2026 at 1:25 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

हिसार: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के हरियाणा दौरे का आज 10 जनवरी को दूसरा दिन है. CJI सूर्यकांत आज हांसी जिले में स्थित अपने पैतृक गांव पेटवाड़ में जाएंगे. गांव के खेल स्टेडियम में उनके सम्मान में एक समारोह का भी आयोजन किया जा रहा है. इसके अलावा, सीजेआई अपने गांव के स्कूल जाएंगे. वहीं, अपने पुराने कॉलेज गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में एलुमनी मीट में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे.

हिसार पहुंचने पर CJI का जोरदार स्वागत: वहीं, शुक्रवार को हिसार पहुंचने पर सीजेआई का बैंड बाजों के साथ जोरदार स्वागत किया गया. इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं को भावुक ऐतिहासिक प्रेरणादायक संबोधन भी दिया. उन्होंने कहा कि "मैंने अपनी पहली फिल्म हांसी में देखी थी और मेरे पिता मुझे साइकिल पर सिनेमाघर में ले गए थे. जब मैं जज बना तो लोग मांग करते थे कि हांसी को जिला बनाया जाए, मैंने खुद छोटे वकील से शुरुआत की थी और आज भी मैं हिसार के वकीलों के बीच हूं. वकील उनके लिए परिवार जैसे हैं".

CJI सूर्यकांत का जोरदार स्वागत (Etv Bharat)

"हांसी के लोगों की मांग पूरी हुई": CJI सूर्यकांत ने आगे कहा कि "मैं एक अनजान लड़का था. हिसार से दो जोड़ी कपड़े लेकर चंडीगढ़ चला गया था. वहां मैंने जमकर प्रैक्टिस की और वहां मुझे बड़े वकीलों से बहुत कुछ सीखने को मिला. इसलिए आज दुनिया भर में हमारा ज्यूडिशियरी सिस्टम एक नंबर पर है. दूसरे देश हमारे साथ एमओयू कर रहे हैं. हांसी के लोगों की मांग पूरी हो गई है".

CJI सूर्यकांत ने पुरानी यादों को किया ताजा (Etv Bharat)

"माता-पिता ने किया प्रेरित": वहीं, हिसार बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि "मैंने 21 अप्रैल 1984 को हिसार कोर्ट में आकर अधिवक्ता आत्माराम बंसल के पास अपनी प्रैक्टिस शुरू की थी. किसी ने कहा कि यहां से आप चंडीगढ़ प्रैक्टिस कर लो. मेरे माता-पिता ने हमेशा मुझे न्याय के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी. मेरी मां कहती थीं कि जज बनो और दिल से न्याय करो". इस दौरान उन्होंने अपनी पुरानी यादों को भी ताजा किया. वहीं, अधिवक्ताओं ने मांग रखी कि हिसार में हाईकोर्ट का अलग बैच व अन्य न्यायिक फोरम स्थापित किए जाएं.

ये भी पढ़ें: "अपराध नहीं रोका तो डिमोशन के लिए रहें तैयार " CM सैनी की पुलिस अधिकारियों को सख्त चेतावनी

ये भी पढ़ें: फर्जी मामलों पर महिला आयोग का कड़ा रुख, झूठे रेप केस दर्ज कराने पर रहेगी नजर

Last Updated : January 10, 2026 at 1:25 PM IST