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देहरा अस्पताल में हार्ट अटैक के लक्षण के साथ इमरजेंसी में पहुंचा था मरीज, डॉक्टर ने बिना चेक किए अगले दिन आने को कहा

देहरा में सीने में दर्द के साथ पहुंचे मरीज को डॉक्टर ने बिना जांच वापस भेज दिया.पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की है.

देहरा अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं पर उठे सवाल
देहरा अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं पर उठे सवाल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 3, 2026 at 1:18 PM IST

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Updated : July 3, 2026 at 2:38 PM IST

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देहरा: हिमाचल में इन दिनों सरकारी अस्पताल सवालों के घेरे में हैं. अभी कुल्लू अस्पताल में गर्भवती महिला की मौत का मामला शांत भी हुआ है. इसी बीच विधायक कमलेश ठाकुर की गृह विधानसभा क्षेत्र देहरा में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. सिविल अस्पताल देहरा में रात को इलाज करने पहुंचे एक मरीज ने डॉक्टर के खिलाफ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर सिकायत की है.

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 27 जून की रात करीब 10:30 बजे वो सीने, बाजू और पीठ में तेज दर्द होने और घबराहट की स्थिति में अपने बेटे के साथ सिविल अस्पताल देहरा पहुंचा था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बिना जांच किए मुझे सुबह ओपीडी के समय आने को कह दिया. शिकायतकर्ता ने बताया कि मुझे चेस्ट पेन के साथ बाजू और पीठ में भी तेज दर्द हो रहा था, जिससे हार्ट अटैक जैसी आशंका सताने लगी थी. उनका बेटा तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टर ने उनकी जांच तक नहीं की और सुबह आने की सलाह देकर वापस भेज दिया.

मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन में शिकायत

शिकायकर्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आपातकालीन स्थिति में भी मरीजों का इलाज नहीं मिल रहा है तो अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं का क्या औचित्य है. ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और तत्काल तबादला किया जाना चाहिए. घटना के बाद शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज करवाई.

वहीं, सिविल अस्पताल देहरा के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. गुरमीत सिंह ने बताया कि 'मुख्यमंत्री सेवा संकल्प 1100 के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई है. शिकायत की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है. पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के दावे कर रही है. अब इस मामले की जांच और स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.'

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Last Updated : July 3, 2026 at 2:38 PM IST