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कानपुर में सिटी मॉल के कर्मचारियों ने ऑनलाइन चोरी किए दो करोड़ रुपये, जानिए कैसे की अकाउंट में सेंधमारी

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने कंपनी के गुल्लक नाम के डिजिटल वॉलेट में सेंधमारी की थी.

पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : April 30, 2026 at 6:48 PM IST

2 Min Read
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कानपुर : क्विक कॉमर्स कंपनी सिटी मॉल के बिजनेस एप्लीकेशन में तकनीकी खामी का फायदा उठाकर करीब 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. कंपनी के गुल्लक नाम के डिजिटल वॉलेट में सेंधमारी कर यह रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी. पुलिस ने इस मामले में कंपनी के ही दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लाखों की रकम फ्रीज कराई है.

डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया, इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड कंपनी के दो पूर्व डिलीवरी बॉय हैं, जो प्रमोशन मिलने के बाद एरिया लेवल पर ट्रेनिंग देने का काम कर रहे थे. पकड़े गए आरोपियों ने अपने और अपने रिश्तेदारों के यूपीआई आईडी का इस्तेमाल कर 1 करोड़ 49 लाख रुपये सीधे ट्रांसफर किए. इसके अलावा, अन्य लोगों ने भी लगभग 50 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन किया है, जिनकी तलाश की जा रही है.

ट्रेनिंग के दौरान बग ढूंढकर की सेंधमारी : पुलिस की जांच और सॉफ्टवेयर एनालिसिस में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों को कंपनी के एप्लीकेशन की गहरी जानकारी थी. ट्रेनिंग देने के दौरान उन्हें सॉफ्टवेयर में एक बग यानी तकनीकी खामी मिली. इसी का फायदा उठाकर उन्होंने सिस्टम को हैक किया और भारी-भरकम रकम पार कर दी. आरोपियों ने इस पैसे से जमीन और गाड़ियां खरीदीं, अपने पुराने कर्ज चुकाए और घर की मरम्मत भी करवाई. कुछ पैसा बाजार में ब्याज पर भी दे रखा था.

50 लाख रुपये फ्रीज, टीम को इनाम : पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में मौजूद करीब 50 लाख रुपये की राशि को फ्रीज करा दिया है. इस बड़ी साइबर धोखाधड़ी का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के लिए 20 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है. पकड़े गए आरोपियों में से एक बी.कॉम का छात्र है, जबकि दूसरा हाईस्कूल तक पढ़ा है. इनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है.

कई और लोगों पर पुलिस की नजर : डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया, 1 करोड़ 49 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन के अलावा बाकी के 50 लाख रुपये किन लोगों ने और किसके कहने पर निकाले, इसकी जांच की जा रही है. इस गिरोह में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है. विवेचना के दौरान जो भी नए तथ्य प्रकाश में आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

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