सचमुच के ईश्वर भक्त साबित हुए चूड़धार मंदिर के पुजारी, पांच लाख के गहनों से भरा बैग लौटाकर रखा देवभूमि का मान
पंडित दीप राम शर्मा मूल रूप से सिरमौर की शिलाई तहसील के नाया गांव के निवासी हैं और वर्तमान में रोनहाट में रहते हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 2, 2026 at 9:15 PM IST
सिरमौर: आस्था के प्रसिद्ध केंद्र चूड़धार धाम से ईमानदारी और मानवता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने लोगों का विश्वास और मजबूत कर दिया है. चूड़धार मंदिर के सेवादार एवं शिरगुल महाराज के पुजारी पंडित दीप राम शर्मा ने करीब पांच लाख रुपए मूल्य के सोने के आभूषणों और नकदी से भरा पर्स उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाकर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है. जानकारी के अनुसार शनिवार को चूड़धार मंदिर की चोटी के समीप एक पर्स मिला. पर्स में सोने की अंगूठियां, मंगलसूत्र, पेंडेंट-लॉकेट सहित लगभग पांच लाख रुपए मूल्य के आभूषण और 7,910 रुपए नकद रखे हुए थे. पर्स में कोई पहचान पत्र या ऐसा दस्तावेज नहीं था, जिससे उसके मालिक का पता लगाया जा सके.
कई लोगों ने किया दावा, लेकिन पुजारी ने बरती सतर्कता
पर्स मिलने की सूचना फैलते ही कुछ लोगों ने उस पर अपना दावा भी किया, लेकिन पंडित दीप राम शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक कोई व्यक्ति पर्स में रखी प्रत्येक वस्तु और नकदी का सही विवरण नहीं देगा, तब तक पर्स किसी को नहीं सौंपा जाएगा. उनकी इस सतर्कता ने सुनिश्चित किया कि अमानत केवल उसके वास्तविक मालिक तक ही पहुंचे.
सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई तलाश
पंडित दीप राम शर्मा द्वारा जानकारी साझा किए जाने के बाद चूड़धार मंदिर समिति के कर्मचारी एवं प्रबंधक श्याम लाल शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से पर्स मिलने की सूचना सार्वजनिक की और संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने की अपील की. इस प्रयास ने वास्तविक मालिक तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. लगातार तीन दिन तक चले प्रयासों के बाद सोमवार को उस महिला से संपर्क स्थापित हुआ, जिसने पर्स में रखे सभी आभूषणों और नकदी का सटीक विवरण दिया. इसके बाद पुष्टि हुई कि पर्स उत्तराखंड के विकासनगर निवासी रीना शर्मा का है. पर्स खोने के बाद वह निराश होकर अपने घर लौट गई थीं और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका सामान वापस मिल पाएगा. जब उन्हें फोन पर बताया गया कि उनका पर्स और उसमें रखा पूरा सामान सुरक्षित है, तो वह भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी और इस घटना ने उनका ईमानदारी पर विश्वास और मजबूत कर दिया है. इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदार ऋतिक शर्मा को चूड़धार भेजा.
मंगलवार को चूड़ेश्वर सेवा समिति के सेवादारों सोहन, जिया लाल, रोशन शर्मा, प्रदीप और अन्य सदस्यों की मौजूदगी में ऋतिक शर्मा को पर्स और उसमें रखा पूरा सामान विधिवत सौंप दिया गया. सामान सुरक्षित मिलने पर उन्होंने चूड़धार मंदिर प्रबंधन, सेवा समिति और विशेष रूप से पंडित दीप राम शर्मा का आभार व्यक्त किया.
25 वर्षों से सेवा कर रहे हैं पंडित दीप राम
बता दें कि पंडित दीप राम शर्मा मूल रूप से सिरमौर जिले की शिलाई तहसील के नाया गांव के निवासी हैं और वर्तमान में रोनहाट में रहते हैं. वह पिछले लगभग 25 वर्षों से चूड़धार मंदिर में सेवादार एवं शिरगुल महाराज के पुजारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं. श्रद्धालु उन्हें प्रेमपूर्वक "सिरमौरी पुजारी जी" के नाम से भी जानते हैं. चूड़धार की पावन चोटी पर घटी यह घटना केवल एक खोए हुए पर्स की वापसी भर नहीं है, बल्कि ईमानदारी, जिम्मेदारी और मानवता का ऐसा उदाहरण है, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया है. श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसे समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ लोगों के कारण ही आस्था के केंद्रों के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत होता है.
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