नई अफीम नीति से पहले सांसद सीपी जोशी ने किसानों से किया संवाद, बोले- 12 साल में बढ़ी कई सुविधाएं
सीपी जोशी ने आश्वासन दिया कि किसानों से मिले सुझावों और समस्याओं को नीति निर्माण के दौरान प्रमुखता दी जाएगी.

Published : May 31, 2026 at 5:16 PM IST
चित्तौड़गढ़: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने रविवार को प्रस्तावित नई अफीम नीति की बैठक से पूर्व चित्तौड़गढ़ में अफीम किसानों के साथ संवाद किया. साथ ही किसानों की समस्याएं सुनकर निराकरण का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद अफीम किसानों की कई सुविधाएं बढ़ी हैं. किसानों के सुझाव अगली अफीम नीति के लिए रखेंगे.
जिला मुख्यालय पर बैठक के बाद सांसद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार हर वर्ष नई अफीम नीति तैयार करने से पहले किसानों के बीच जाकर उनकी राय लेती है और उसी के अनुरूप नई अफीम नीति बनाई जाती है. पिछले 12 वर्षों में अफीम किसानों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं. पहले किसानों को अफीम के पट्टे लेने जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, अब पट्टे गांवों तक पहुंचाए जा रहे हैं.
पहले किसानों का रिकॉर्ड ऑफलाइन रहता था, जिसे अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है. उत्तराधिकारी चयन की प्रक्रिया भी सरल की गई है. अब अफीम किसानों के लाइसेंस मोबाइल फोन पर उपलब्ध हो जाते हैं. पहले अफीम उपज के परिणाम आने में कई दिन लगते थे, लेकिन अब दो से तीन दिनों में मोबाइल पर ही परिणाम मिल जाता है.
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उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए कई नवाचार किए गए हैं. सांसद ने कहा कि अफीम नीति को लेकर व्यवस्था में जहां कमियां थी, उन्हें दूर करने के लिए किसानों से सीधे संवाद कर राय ली गई है. किसानों के सुझावों को आगामी अफीम नीति बैठक में रखा जाएगा. भारत सरकार उन सुझावों पर विचार कर आवश्यक सुधार करेगी. नई अफीम नीति को लेकर जल्द बैठक होने वाली है. किसानों से मिले सुझावों और समस्याओं को नीति निर्माण के दौरान प्रमुखता दी जाएगी, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सकेगा.

