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नशा तस्करी के 3 आरोपी 90 दिन की प्रिवेंटिव डिटेंशन पर, PIT NDPS के तहत चिट्टा तस्करों पर सख्ती

हिमाचल में चिट्टा तस्करी के 3 आरोपियों को 90 दिन की प्रिवेंटिव डिटेंशन पर भेजा गया है.

Bilaspur Chitta Smuggling Case
चिट्टा तस्करों पर बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 15, 2026 at 11:56 AM IST

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बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी के तहत बिलासपुर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए PIT NDPS के तहत बड़ी कार्रवाई की है. एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि चिट्टा तस्करी में लगातार संलिप्त पाए जा रहे आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इसके तहत हिमाचल प्रदेश सरकार को 8 प्रस्ताव भेजे गए थे, जिनमें से 3 मामलों में सरकार ने प्रिवेंटिव डिटेंशन के आदेश जारी कर दिए हैं.

3 आरोपी 90 दिन की प्रिवेंटिव डिटेंशन में

एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि जिन आरोपियों के खिलाफ प्रस्ताव भेजे गए थे, वे एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में बार-बार संलिप्त पाए गए हैं और चिट्टे की स्मगलिंग में उनकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी. ऐसे आरोपियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उनके खिलाफ PIT NDPS के तहत केस तैयार कर सरकार को भेजे गए थे. सरकार द्वारा जांच के बाद 3 आरोपियों की 90 दिन की प्रिवेंटिव डिटेंशन मंजूर कर ली गई है.

संदीप धवल, एसपी बिलासपुर (ETV Bharat)

"प्रिवेंटिव डिटेंशन के आदेश मिलने के बाद तीनों आरोपियों को स्थानीय जेल में बंद कर दिया गया है. इन तीनों में से एक आरोपी को 90 दिन की अवधि पूरी होने पर पुलिस ने उसकी गतिविधियों को देखते हुए डिटेंशन अवधि को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया अपनाई. इसके तहत उसकी डिटेंशन को अतिरिक्त 90 दिन के लिए बढ़ाते हुए न्यायिक हिरासत की अवधि भी ली गई है, ताकि नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके." - संदीप धवल, एसपी बिलासपुर

क्या है PIT NDPS ?

एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि PIT NDPS एक नया कानून है, जिसे प्रदेश सरकार द्वारा लागू किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है, जो नशे के कारोबार में लगातार संलिप्त रहते हैं और समाज के लिए खतरा बने हुए हैं. इसके तहत नशे के कारोबार में लगातार संलिप्त आरोपियों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया जाता है, ताकि भविष्य में व्यक्ति को अपराध करने से रोक सकें. इसमें आरोपी को तीन माह से ज्यादा हिरासत में नहीं रखा जा सकता है, जब तक कि एडवाइजरी बोर्ड इसकी अनुमति न दे. एसपी बिलासपुर ने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा. चिट्टा तस्करी या किसी भी प्रकार के नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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