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चित्रकूट में बाढ़ से मझगवां, पिंडरा और नयागांव का पुल क्षतिग्रस्त, सैकड़ों गृहस्थी तबाह

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 139 मीटर से 146 मीटर तक पहुंचा. कल तीन से चार घंटे में 10 से 12 सेंटीमीटर बारिश हुई. प्रदीप कश्यप की रिपोर्ट.

Chitrakoot Mandakini River Flood
चित्रकूट में बाढ़ से मझगवां का पुल क्षतिग्रस्त (ETV bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 30, 2026 at 11:02 PM IST

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सतना: सतना जिले के चित्रकूट में लगातार हो रही तेज बारिश से जन-जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. लगातार हो रही बारिश से शनिवार को मंदाकिनी नदी का पानी उफान पर था. जिसके चलते मंदाकिनी नदी घाट पानी में बह गया. वहीं मंदाकिनी नदी से हनुमान धारा को जोड़ने वाला पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.

शुक्रवार एवं शनिवार की रात भारी बारिश से आए बाढ़ के पानी ने लोगों को बेघर कर दिया. लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं. पूरे क्षेत्र में लोगों के घर पानी में बह गए. घरों की पूरी गृहस्थी नष्ट हो गई. राशन, कपड़े, बर्तन, घरेलू सामग्री सब कुछ बर्बाद हो गया. लोगों ने बाढ़ की भयावह स्थिति के बारे में बताया.

चित्रकूट में बाढ़ से जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित (ETV bharat)

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 139 मीटर से 146 मीटर तक पहुंचा

जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया "कल तीन से चार घंटे में 10 से 12 सेंटीमीटर बारिश हुई. जिसके कारण सतना नदी सहित समस्त नदी-नाले उफान पर थे. खास तौर पर चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जो हाइट लेवल 139 मीटर था कल दोपहर 2 बजे तक 146 मीटर तक पहुंचा गया था. जिसके कारण कई घरों में पानी भर गया था जिससे उनके घर को सामान का नुकसान हुआ है. पूरे चित्रकूट में चार आश्रय स्थल हैं, पूरे जिले में 10 आश्रय स्थल बनाए गए हैं."

पिंडरा मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश रोक

उन्होंने आगे कहा "आश्रय स्थल में कल तक 5 सौ लोग रुके हुए थे, आज कुछ लोग अपने घर की ओर निकल गए हैं. अभी हमारी पूरी फील्ड की टीम एक्टिव है. रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त है. लोगों के नुकसान का आकलन सर्वे के आधार पर किया जा रहा है. लोगों के लिए दवाइयों की व्यवस्था भी की गई है. वही मझगवां पिंडरा में क्षतिग्रस्त पुल राष्ट्रीय राजमार्ग के संरक्षण में है. उनको हमने संपर्क किया है. वर्तमान में पिंडरा मार्ग पर चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों का आवागमन जारी है. भारी वाहनों का प्रवेश रोक लगा दिया गया है."

सतना जिले के सांसद गणेश सिंह ने बताया, "कल से लेकर आज तक मैं बाढ़ प्रभावित स्थानों पर गया हूं. सेमारवाल नदी के किनारे गांव के घरों में पानी घुसने से लोगों का भारी नुकसान हुआ है. जिस तरह से यह त्रासदी आई है वह वाकई में बहुत भयानक है. मझगवां के पिंडरा में पयासनी नदी का यह किनारा है, जिसके चलते पुल क्षतिग्रस्त हुआ है. सभी जगह का सर्वेक्षण करा कर लोगों को नुकसान का मआवजा दिलाया जाएगा.

चितहरा से मानिकपुर के बीच चलने वाली करीब 28 यात्री एवं 20 मालगाड़ियां भी प्रभावित

बाढ़ की वजह से रेलवे ट्रैक पर लबालब पानी भरा था. जिसकी वजह जिले के चितहरा से मानिकपुर के बीच चलने वाली करीब 28 यात्री एवं 20 मालगाड़ियां भी प्रभावित हुईं. इसके साथ ही चित्रकूट को जोड़ने वाला मझगवां पिंडरा की पुलिया करीब 5 सौ मीटर पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो चुकी है. वहीं दूसरी ओर नयागांव का पुल भी टूट चुका है.