ETV Bharat / state

अब 55 की उम्र वाले भी बनेंगे प्रोफेसर? केंद्रीय मंत्री का मुख्यमंत्री को पत्र

चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है. इसमें सहायक प्राध्यपक नियुक्ति नियमावली-2026 को पारदर्शी बनाने समेत 6 सुझाव हैं. रिपोर्ट- बृजम पांडेय

ASSISTANT PROFESSOR BHARTI
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 19, 2026 at 7:32 PM IST

6 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना : एक तरफ विपक्ष ने सरकार को शिक्षा के सवाल पर घेरने के लिए बुधवार को लोकभवन मार्च निकाला. तेजस्वी यादव खुद सड़क पर उतरे. वहीं, दूसरी तरफ एनडीए के घटक दल के नेता ही सरकार के क्रियाकलाप पर सवाल खड़े कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति को पारदर्शी बनाने और छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने अपनी चिट्ठी में छह सुझाव भी दिए हैं और कहा है की मुख्यमंत्री से उम्मीद है कि वह इन बातों पर संज्ञान लेंगे.

अभ्यर्थियों की चिंताएं : चिराग पासवान ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि बिहार के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है. युवाओं के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित नियमावली-2026 के संबंध में कई अभ्यर्थियों और छात्रहित से जुड़े लोगों ने अपनी चिंताएं उनके सामने रखी हैं. इसी आलोक में उन्होंने सरकार को आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है.

LJPR प्रवक्ता रंजन सिंह का बयान (ETV Bharat)

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया : चिराग पासवान ने कहा, बिहार में लंबे समय के बाद सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का यह बड़ा अवसर आया है. ऐसी स्थिति में नियुक्ति प्रक्रिया का अत्यंत पारदर्शी और न्यायसंगत होना आवश्यक है. इस प्रक्रिया में मेधावी अभ्यर्थियों, लंबे समय से अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे अनुभवी अध्यापकों तथा बिहार के स्थानीय छात्रों के हितों का संतुलित और उचित ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि किसी के साथ अन्याय न हो.

संशोधन और सुझाव : प्राप्त जानकारी के अनुसार नई प्रस्तावित नियमावली के कई बिंदुओं पर तत्काल पुनर्विचार किया जाना अपेक्षित है. चिराग पासवान ने सुझाव दिया है कि सहायक प्राध्यापक बहाली में यूजीसी रेगुलेशन 2018 के टेबल 3A को पूरी तरह लागू किया जाए. इसके साथ ही सहायक प्राध्यापक पद के लिए आवेदन के लिए अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 55 वर्ष किया जाना चाहिए ताकि अधिक लोगों को मौका मिले.

ASSISTANT PROFESSOR BHARTI
चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी को लिखा पत्र (ETV Bharat)

नियमित बहाली की मांग : उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक और महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया है. इसके तहत बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक की इस आगामी बहाली को पूरी तरह स्थाई और नियमित किया जाए. संविदा या तदर्थ व्यवस्था के बजाय स्थाई नियुक्तियां होने से शैक्षणिक माहौल में सुधार होगा और योग्य शिक्षकों की कमी दूर होने से छात्रों का भविष्य भी पूरी तरह सुरक्षित हो सकेगा.

ASSISTANT PROFESSOR BHARTI
चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी को लिखा पत्र (ETV Bharat)

डोमिसाइल नीति की मांग : चिराग पासवान ने पत्र में मजबूती से मांग की है कि सहायक प्राध्यापक बहाली में डोमिसाइल नीति को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए. इसके साथ ही उन्होंने बिहार के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता का हनन तुरंत बंद करने का आग्रह किया है. स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा.

अतिथि शिक्षकों का समायोजन : नियमित सहायक प्राध्यापक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने से पहले एक महत्वपूर्ण कदम उठाना आवश्यक है. इसके तहत बिहार के विश्वविद्यालयों में कई वर्षों से कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों की सेवा का 65 वर्ष की आयु तक सामंजन किया जाए. इन अनुभवी शिक्षकों की सेवा सुरक्षित होने से न केवल उनका भविष्य संवरेगा बल्कि नए कॉलेजों में उनके अनुभव का सही लाभ मिल सकेगा.

व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत : केंद्रीय मंत्री ने सीएम से अपील की है कि वर्षों से तैयारी कर रहे युवाओं और लंबे समय से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखकर ही कोई भी निर्णय लिया जाना चाहिए. इतनी महत्वपूर्ण नियमावली का सीधा प्रभाव बिहार के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, अभ्यर्थियों और विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा. इसलिए इस नीति को अंतिम रूप देने से पूर्व सभी संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श और संवाद करना बेहद आवश्यक है.

नियमावली की समीक्षा : अंत में उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 को अंतिम रूप देने से पूर्व छात्रों, अभ्यर्थियों, अतिथि शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों से गहन चर्चा की जाए. इसके साथ ही यूजीसी के प्रासंगिक मानकों के अनुरूप नियमों की व्यापक समीक्षा होनी चाहिए. ऐसा करने से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह विवाद रहित, पारदर्शी और उच्च शिक्षा के विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी.

चिराग पासवान ने कहा है कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि बिहार सरकार इस विषय को गंभीरता से लेते हुए ऐसा निर्णय करेगी, जिससे बिहार के छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो, योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो और राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बने.

रंजन सिंह का बयान : चिराग पासवान के तरफ से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चिट्ठी लिखे जाने पर लोजपा आर के प्रवक्ता रंजन सिंह ने कहा कि चिराग पासवान का महिलाओं और युवाओं के प्रति जो सोच रही है वह जग जाहिर है. इसीलिए चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखा है. विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति को लेकर यूजीसी एक्ट 2018 टेबल 3A के अंतर्गत बहाली किया जाए.

"अस्थाई शिक्षकों को स्थाई किया जाए, जो डोमिसाइल नीति है उसको अपनाया जाए, इस तरह के कई मांग शिक्षा के गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए हमारे नेता ने पत्र लिखा है. खुशी की बात है कि युवाओं के शिक्षा को ध्यान में रखते हुए और शिक्षक अभ्यर्थियों के के मांग को सरकार ने माना है और TRE 4 का नोटिफिकेशन हुआ है. आने वाले समय में युवाओं के भविष्य के लिए बेहतर कार्य माना जा रहा है."- रंजन सिंह, एलजेपीआर प्रवक्ता

ये भी पढ़ें

BPSC TRE 4 : 32388 पदों पर भर्ती, पहली बार प्री-मेन्स, निगेटिव मार्किंग.. जानिए क्या-क्या बदले नियम?

अच्छी खबर: बीपीएससी TRE-4 के लिए आज जारी होगा विज्ञापन, 32388 पदों पर शिक्षकों की भर्ती