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चाइनीज डोर से करनाल में छात्र की गर्दन कटी, समय पर ऑपरेशन से बची जिंदगी

करनाल में चाइनीज डोर से 16 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया.

Chinese Manja accident Karnal
चाइनीज डोर बनी जानलेवा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 11, 2026 at 2:38 PM IST

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Updated : February 11, 2026 at 3:15 PM IST

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करनाल: करनाल में एक बार फिर चाइनीज डोर का जानलेवा खतरा सामने आया. सुबह स्कूल जाते समय मां के साथ स्कूटी पर सवार 16 वर्षीय छात्र अचानक हवा में लटकी चाइनीज डोर की चपेट में आ गया. डोर इतनी तेज थी कि बच्चे की गर्दन बुरी तरह कट गई और सांस की नली तक गंभीर चोट पहुंच गई. कुछ ही पलों में हालात बेहद नाजुक हो गए, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों की तत्परता ने जिंदगी की डोर थाम ली.

अचानक से चाइनीज़ डोर उलझी : छात्र अपनी मां के साथ रोज की तरह स्कूल जा रहा था. रास्ते में अचानक चाइनीज डोर उलझ गई. मां बच गईं, लेकिन बच्चा सीधे उसकी चपेट में आ गया. गर्दन से तेजी से खून बहने लगा. घटना के बाद वहां मौके पर मौजूद कुछ लोग मदद करने के बजाय तमाशबीन बने रहे. हालांकि इसके बाद वहां कुछ संवेदनशील लोगों की मदद से बच्चे को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया.

करनाल में 16 वर्षीय छात्र की गर्दन कटी (ETV Bharat)

ऑपरेशन थिएटर में जिंदगी की जंग: अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को भांपते हुए बिना देरी ऑपरेशन का फैसला लिया. जांच में पुष्टि हुई कि बच्चे की सांस की नली तक कट चुकी थी, जो बेहद खतरनाक स्थिति मानी जाती है. डॉक्टर अर्शदीप सिंह के नेतृत्व में डॉक्टर हरजीत सिंह, डॉक्टर रवि वर्मा, डॉक्टर विनीत पांचाल और डॉक्टर आदित्य चौधरी की टीम ने मिलकर जटिल सर्जरी की. ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण बच्चे को 24 से 48 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखना पड़ा. 9 फरवरी को उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया और अब उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है.

बोर्ड परीक्षा देगा छात्र, पर फिलहाल आराम जरूरी: डॉक्टरों के अनुसार बच्चा खतरे से बाहर है और आने वाली बोर्ड परीक्षाएं दे सकेगा. हालांकि अभी उसे पूर्ण विश्राम की सख्त जरूरत है. कुछ दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है.

मां का दर्द और व्यवस्था पर सवाल: घटना के बाद छात्र की मां रीना देवी ने भावुक होकर कहा कि जब उनका बेटा खून से लथपथ सड़क पर था, लोग मदद करने की बजाय तमाशा देख रहे थे. उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज डोर खुलेआम कैसे बिक रही है. उन्होंने अभिभावकों से भी अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों को ऐसी खतरनाक डोर ना दिलाएं. उनका कहना है कि सख्ती और जागरूकता ही ऐसे हादसों को रोक सकती है.

Chinese Manja accident Karnal
समय पर ऑपरेशन से बची जिंदगी (ETV Bharat)

ईटीवी भारत की अपील : डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि ये मामला सभी के लिए एक चेतावनी है. चाइनीज डोर ना केवल बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा है, बल्कि पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित होती है. प्रशासनिक सख्ती और सामाजिक जागरूकता दोनों जरूरी हैं. बता दें कि ये हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि पतंग की चाइनीज डोर, किसी की जिंदगी की डोर भी काट सकती है. ऐसे में ईटीवी भारत भी आपसे अपील करता है कि कतई पतंग उड़ाने के लिए चाइनीज डोर का इस्तेमाल ना करें और अगर कहीं चाइनीज डोर बिकती हुई दिखे तो स्थानीय पुलिस और प्रशासन को शिकायत करें ताकि आपके या किसी के परिवार के लाल के साथ ऐसी घटना ना हो सके. साथ ही पुलिस-प्रशासन को भी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है जो बैन होने के बावजूद चाइनीज डोर बना और बेच रहे हैं, वर्ना ऐसे ही हादसे सामने आते रहेंगे.

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Last Updated : February 11, 2026 at 3:15 PM IST