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मुख्य सचिव ने संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को दिए निर्देश, 15 दिन में 41 जिलों के दो-दो स्कूलों की मांगी निरीक्षण रिपोर्ट

सीएस ने कहा कि जिन स्कूलों में छात्राओं के लिए टॉयलेट नहीं हैं, वहां 8 मार्च महिला दिवस से पहले टॉयलेट्स बनवाएं.

CS Srinivas holds a meeting with education officials
शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेते सीएस श्रीनिवास (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 5, 2026 at 3:31 PM IST

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जयपुर: राजस्थान में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विकसित भारत-2047 के विजन को जमीन पर उतारने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है. इसे लेकर सोमवार को मुख्य सचिव ने राज्य सरकार में पद स्थापित संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को 41 जिलों में कम से कम दो-दो स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. और वहां छात्रों, शिक्षकों के अलावा अभिभावकों के साथ भी वार्ता कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देशित किया है. साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों में छात्राओं के लिए टॉयलेट नहीं है, वहां 8 मार्च महिला दिवस से पहले-पहले टॉयलेट्स का निर्माण किया जाए.

साल 2025 के अंत में मुख्य सचिवों की 5वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस हुई थीं. इसमें राजस्थान की ओर से पीएमश्री स्कूलों पर प्रेजेंटेशन और डिस्कशन किया गया. इसके बाद 31 दिसंबर को प्रगति समीक्षा में सभी मुख्य सचिवों के स्तर पर पीएमश्री स्कूलों को लेकर व्यापक विमर्श हुआ. वहां निष्कर्षों के आधार पर 10 प्रमुख फैसले लिए. इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षा अधिकारियों के साथ सोमवार को मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने विस्तृत चर्चा की.

मुख्य सचिव श्रीनिवास बोले... (ETV Bharat Jaipur)

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समझेंगे चुनौती और जानेंगे हालात: मुख्य सचिव ने बताया कि अब संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी 41 जिलों में कम से कम दो-दो स्कूलों का निरीक्षण करेंगे. इस दौरान अधिकारी न केवल स्कूल प्रबंधन को देखेंगे, बल्कि अभिभावकों के साथ बैठक करेंगे. साथ ही कक्षा 11-12, 9-10 और जीरो से छठी कक्षा तक के विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर शैक्षणिक स्थिति, सुविधा और चुनौतियों को समझेंगे.

छात्राओं के लिए टॉयलेट: मुख्य सचिव ने बताया कि अहम निर्णय लिया गया कि जिन स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं हैं, वहां 8 मार्च से पहले अनिवार्य रूप से टॉयलेट निर्माण कराया जाएगा. विद्या समीक्षा केंद्र में प्राप्त डाटा के आधार पर पीएमश्री स्कूलों की मासिक रैंकिंग अपडेट की जाएगी. इसमें एकेडमिक आउटपुट, छात्र उपस्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर मिले लर्निंग आउटकम्स से सभी पहलुओं की गहन निगरानी होगी. मुख्य सचिव ने बताया कि अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया है, जिसमें वे सभी जिलों का दौरा कर स्कूल निरीक्षण पूरा करेंगे. इसके बाद तीसरे चरण में सभी अधिकारी शिक्षा संकुल में एकत्र होंगे, जहां दो घंटे का चिंतन कर हर जिले से मिले फीडबैक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा.

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लक्ष्य विकसित भारत-2047: उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं मुख्य सचिवों के साथ स्कूल शिक्षा को लेकर चर्चा की थी. प्रधानमंत्री के निर्देश हैं कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में स्कूली शिक्षा की भूमिका सबसे अहम है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि डिसएग्रीगेटेड डाटा के आधार पर स्कूल-वाइज फोकस करते उसका विश्लेषण किया जाए ताकि लर्निंग आउटकम्स बेहतर बना सकें. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान के पीएमश्री स्कूल, एकलव्य स्कूल, विवेकानंद स्कूल, सैनिक स्कूल जैसे संस्थानों में जहां नवाचार, इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग और अच्छी रैंकिंग देखने को मिल रही है, वहां शैक्षणिक आउटपुट सकारात्मक हैं. इन मॉडल स्कूलों से सीख लेकर बाकी संस्थानों में भी सुधार के प्रयास किए जाएंगे.

सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग : इसके साथ ही सरकार का फोकस सिंगल टीचर स्कूल और संसाधनहीन छोटे स्कूलों को इंटीग्रेट कर लार्जर स्कूल कॉन्सेप्ट विकसित करने पर है, ताकि सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके. मुख्य सचिव ने संकेत दिए कि 15 दिन बाद होने वाली अगली बैठक में निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर और ठोस फैसले लिए जाएंगे.

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कमियों पर देंगे सुझाव: शिक्षा शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में वर्तमान में 639 पीएमश्री स्कूल संचालित है, जो सीधे तौर पर मॉडल स्कूल हैं और प्राइवेट स्कूल से प्रतिस्पर्धा करते हैं. इन स्कूलों की हर महीने रैंकिंग निकाली जाएगी. राज्य सरकार के ज्वाइंट सेक्रेट्री लेवल के ऑफिसर सभी 41 जिलों में जाएंगे और कम से कम दो पीएमश्री स्कूलों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखेंगे. जो कमियां है, उन पर सुझाव देंगे ताकि शिक्षा विभाग उनका क्रियान्वयन करें.

कम नामांकन वाले स्कूलों पर नजर: उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के करीब 150 ऑफिसर्स पीएमश्री स्कूल के साथ उन हॉटस्पॉट स्कूल में भी जाएंगे, जहां नामांकन कम या रिजल्ट्स खराब हैं. ऐसे स्कूलों पर विशेष निगरानी की जा रही है. इन स्कूलों की भी अगले 15 दिन में विजिट कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. फिर सभी अधिकारी मुख्य सचिव के साथ अपना एक्सपीरियंस शेयर करेंगे और सुधार के उपायों पर काम किया जाएगा.