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हिमाचल में इन परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान, पंचायतों में जेई के भी भरे जाएंगे पद

सीएम सुक्खू ने पंचायती राज विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई.

पंचायती राज विभाग की  समीक्षा बैठक में सीएम सुक्खू
पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम सुक्खू (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 4:39 PM IST

2 Min Read
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शिमला: शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंचायती राज विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने की तैयारियों पर चर्चा हुई. राज्य सरकार ने 27000 गरीब और बेघर परिवारों को पक्के मकान देने का बड़ा फैसला लिया है, वहीं पंचायत स्तर पर लंबे समय से खाली चल रहे जूनियर इंजीनियर (जेई) के पदों को भरने की घोषणा की है.

बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के उन पात्र गरीब परिवारों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध करवाएगी, जो अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं. सुरक्षित आवास केवल एक बुनियादी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामाजिक अधिकार है. इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार ठोस क़दम उठा रही है.

खाली पद भरेगी सरकार

सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती राज विभाग को सुदृढ़ करने के लिए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरेगी. पंचायतों में कनिष्ठ अभियंताओं के पद भी भरे जाएंगे. वर्तमान प्रदेश सरकार सामाजिक अधिकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. समाज के वंचित, उपेक्षित और क़मजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से कई जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से कार्यान्वित की जा रही हैं. सरकार का लक्ष्य केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग़रीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध करवाना है. मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि जनहित सरकार की प्राथमिकता है. समाज में पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही 'व्यवस्था परिवर्तन' की मूल भावना है.

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