पंचकूला में कॉमनवेल्थ खेलों के पदक विजेताओं-प्रतिभागियों का सम्मान, CM बोले- हरियाणा अन्न ही नहीं, चैंपियन भी पैदा करता है
हरियाणा के पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कॉमनवेल्थ खेलों के पदक विजेताओं-प्रतिभागियों को सम्मानित किया है.

Published : August 26, 2026 at 9:35 PM IST
पंचकूला: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को पंचकूला में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के पदक विजेताओं एवं प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में सम्मानित किया. इस अवसर पर 24 खिलाड़ियों को 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये की नकद धनराशि देकर पुरस्कृत किया गया. इस दौरान खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सांसद रेखा शर्मा, मेयर श्यामलाल बंसल, खेल विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता, उपायुक्त सतपाल शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे समेत खिलाड़ी और उनके परिजन उपस्थित रहे.
मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला: मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी की कहानी पदक से शुरू नहीं होती, बल्कि उस मिट्टी से शुरू होती है, जहां पहली बार दौड़ना सीखा. उस मैदान से जहां उसने पहली बार हार का सामना किया और उन सुबहों से, जब बाकी दुनिया सो रही होती है और वह अपने सपने के लिए पसीना बहा रहा होता है. इसके पीछे माता-पिता का विश्वास, गुरु का अनुशासन और हर हार के बाद फिर उठ खड़े होने का संकल्प होता है. पोडियम पर खड़ा खिलाड़ी कुछ क्षणों के लिए पूरी दुनिया को दिखाई देता है, लेकिन उस पोडियम तक पहुंचने का वर्षों का संघर्ष दिखाई नहीं देता.मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लासगो में हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपने दमखम और प्रतिभा का डंका पूरी दुनिया में बजाया है. आज हर हरियाणवी का सीना गर्व से चौड़ा है. उन्होंने कहा कि हरियाणा की मिट्टी की खासियत यही है कि यहां खेतों में केवल अन्न नहीं उगता, यहां चैंपियन भी पैदा होते हैं.

भारत बड़ी खेल शक्ति: मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों के बलबूते भारत दुनिया की बड़ी खेल शक्ति के रूप में उभरेगा. ग्लासगो में खिलाड़ियों ने तिरंगा ऊंचा किया है और आगामी वर्षों में वे ओलंपिक के पोडियम पर भी तिरंगा ऊंचा करेंगे. उन्होंने कहा कि 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया. यह खिलाड़ियों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण का परिणाम है.

हरियाणा की बेटियों ने पांच स्वर्ण के साथ जीते 6 पदक: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विशेष रूप से प्रदेश की बेटियों के प्रदर्शन की सराहना की. उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए 11 पदकों में से 6 पदक बेटियों के हैं, जिनमें 5 स्वर्ण पदक शामिल हैं. मुक्केबाजी रिंग में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा रहा और भारत के 7 स्वर्ण पदकों में से 6 स्वर्ण हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते. उन्होंने कहा कि प्रीति पवार, जैस्मिन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पराजित करके स्वर्णिम इतिहास रचा है. पैरा-एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी शर्मिला का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सिद्ध किया है कि मन की शक्ति के सामने कोई बाधा टिक नहीं सकती. नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में रजत पदक हासिल कर विश्वस्तरीय प्रतिभा को फिर से प्रमाणित किया. मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक जीतकर गौरव बढ़ाया और खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने कांस्य पदक हासिल कर हरियाणा की पदक संख्या में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

खिलाड़ियों की तपस्या-संघर्ष और संकल्प का सम्मान: मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का सम्मान केवल पदक विजेताओं का नहीं है. कॉमनवेल्थ खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हर प्रतिभागी खिलाड़ी का योगदान समान रूप से गौरवपूर्ण है. खेल में पदक जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है लेकिन विश्व के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच देश की जर्सी पहनकर मैदान में उतरना भी अपने आप में एक असाधारण सम्मान है. सीएम ने कहा कि जो खिलाड़ी पदक लेकर लौटे, वे उपलब्धि हैं और जो खिलाड़ी अनुभव लेकर लौटे, वे अगली उपलब्धि की नींव हैं. आज का अनुभव कल का पदक बन सकता है. सरकार, खेल विभाग और पूरा हरियाणा खिलाड़ियों के साथ खड़ा है.


260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां: मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप-ए, बी व सी की सरकारी नौकरियां दी गई हैं. हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया गया है. अब हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा. इससे उन्हें सरकारी नौकरियों सहित अन्य अवसरों का लाभ भी मिलेगा. सीएम ने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 17 हजार 544 खिलाड़ियों को 742 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है. साथ ही अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए खिलाड़ियों को तैयारी हेतु अग्रिम राशि का भी प्रावधान किया गया है, ताकि पैसे की कमी से किसी खिलाड़ी की ट्रेनिंग न रुके. सरकार ने अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की है. अब खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे अवॉर्ड विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये और भीम अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है. कहा कि खिलाड़ी की यात्रा गांव की मिट्टी, स्कूल के मैदान और स्थानीय खेल नर्सरी से शुरू होती है. इसी सोच से खेल प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने के लिए प्रदेश में दो हजार खेल नर्सरियां खोली गई हैं. हरियाणा में 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये और 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान किया गया है.
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर से बेहतरीन सुविधाएं: हरियाणा में 25 आवासीय खेल अकादमियां खोली गई हैं. इनमें हर खिलाड़ी को 500 रुपये प्रतिदिन की दर से डाइट मनी दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में करीब 1100 करोड़ रुपये खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए गए हैं. खेल विभाग का बजट बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है, जो वर्ष 2013-14 में केवल 163 करोड़ रुपये था. वहीं, जब खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसका करियर दांव पर लग जाता था. खिलाड़ियों के इस दर्द को दूर करने और चोट के बाद उन्हें वापसी का भरोसा देने के लिए पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय स्तर का ‘ए-स्टार’ उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है. यह उत्तर भारत में अपनी तरह का पहला और सबसे आधुनिक केंद्र है.
वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेल शक्ति दिखाने का अवसर: मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी समय में देश के सामने एक और बड़ा अवसर है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत को मिली है. यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि दुनिया के सामने भारत की बढ़ती खेल शक्ति को दिखाने का अवसर है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी भारत को दुनिया की बड़ी खेल शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि आज उनके गले में जो पदक हैं, वे उनकी मंजिल नहीं, बल्कि अगली उड़ान की शुरुआत है. जिस मिट्टी से उन्होंने अपने सपने की पहली लकीर खींची, उसी मिट्टी से अब दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों तक अपनी पहचान लिखनी है. ग्लासगो में तिरंगा उनके हाथों से ऊंचा हुआ है और कल यही तिरंगा ओलंपिक के पोडियम पर और ऊंचा लहराए, जो हर हरियाणवी का सपना और हर भारतीय की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने शेर पढ़कर हौसला बढ़ाया: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खेल विभाग, प्रशिक्षकों, माता-पिता और विशेष रूप से खिलाड़ियों को बधाई देते हुए एक शेर पढ़कर उनका हौसला बढ़ाया. उन्होंने कहा कि "थककर भी जो ठहरा नहीं-वही सफर की पहचान बना, गिरकर जिसने उठना सीखा, वही आज हिंदुस्तान बना, मंज़िल मिली तो क्या हुआ, अब राह नई बनानी है; एक जीत मिली है आज, कल दुनिया जीतकर आनी है". सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के साथ विशेष रूप से संवाद भी किया.
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