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सीएम भजनलाल का कांग्रेस पर तंज, कहा- अब 85 पैसे पर ‘पंजा’ नहीं मारा जाता, पूरा पैसा जनता तक पहुंचता है

दो दिवसीय 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर निशाना.

CM and participants at the inauguration of the e-Governance conference
ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर सीएम व प्रतिभागी (Photo: CMO)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : July 1, 2026 at 3:42 PM IST

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Updated : July 1, 2026 at 4:16 PM IST

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जयपुर: गुलाबी नगरी में दो दिवसीय 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस शुरू हुई. राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया. इससे पहले सीएम ने प्रदर्शनी क्षेत्र का फीता काटकर शुभारंभ एवं अवलोकन किया. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-गवर्नेंस की उपलब्धियों के बारे में बताया. सीएम ने कांग्रेस पर तंज कसा कि एक समय था, तब केंद्र सरकार एक रुपया आम जनता को भेजती तो उसमें सिर्फ 15 पैसे ही पहुंच पाते थे. जनता के 85 पैसे पर पंजा कौन मारता था, ये सबको पता है. सोचिये सरकार कितनी लाचार थी. आज यह देश देख रहा है कि योजनाओं का पूरा लाभ सीधे पात्र और गरीब व्यक्ति तक पहुंच रहा है. वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सरकारी योजनाओं की वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ बोले... (ETV Bharat Jaipur)

जनधन खाते, आधार और मोबाइल आधारित व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका कम की और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिए लाभार्थियों तक सीधे राशि पहुंचाने का रास्ता बनाया. मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि केंद्र एक रुपए भेजता है तो पूरा एक रुपया आमजन के सीधे खाते में पहुंच रहे हैं. उनके हक पर कोई डाका अब नहीं डाल रहा. उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान ने तकनीक को केवल प्रशासनिक सुविधा तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे आर्थिक विकास और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया.

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एक क्लिक पर समस्या का समाधान : मुख्यमंत्री ने ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा की शुरुआत भी की. इस नई सुविधा के जरिए प्रदेश के नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से 27 प्रकार की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. नागरिक बिजली और पानी के बिल जमा करने, विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करने और कई अन्य सरकारी सेवाओं तक पहुंच बना सकेंगे. इसके लिए सरकार की ओर से व्हाट्सएप नंबर 946106270 जारी किया गया है, जिस पर ‘Hi’ भेजने पर सेवा विकल्प उपलब्ध होंगे.

यह रही थीम: विकसित भारत 2047: एआई सक्षम, डेटा संचालित और सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस थीम पर सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हुए. 2700 से अधिक पंजीकरण हुए, जबकि 42 एग्जिबिशन स्टॉल और करीब 100 इंडस्ट्री पार्टनर इसमें भागीदारी कर रहे हैं. उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि पहले भी सरकारें काम करती थीं, लेकिन समय के साथ शासन व्यवस्था और निर्णय लेने के तरीके नही बदले हैं. 2014 के बाद पीएम मोदी के विजन से लीकेज बंद किया गया.

A large number of participants were present.
बड़ी संख्या में प्रतिभागी रहे मौजूद (Photo: CMO)

पढ़ें:29वां राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन एक जुलाई से, थीम रखी-विकसित भारत 2047, एआई एनेबल्ड, डेटा ड्रिवन एंड सिक्योर डिजिटल गवर्नेंस

82 प्रतिशत सेवाएं ऑनलाइन : उद्योग मंत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य की लगभग 82 प्रतिशत सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं. 26 हजार से अधिक सेवाएं डिजिटल माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं. तकनीक ने प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत किया है. राज्य कर्मचारियों की सर्विस बुक पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है. पेंशन प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है. स्मार्ट ट्रेजरी, एसएमएस आधारित सेवाएं और स्पर्श जैसे प्लेटफॉर्म प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बना रहे हैं. जनसुनवाई व्यवस्था को भी ऑनलाइन माध्यम से मजबूत किया गया है.

एआई एवं डेटा पर विशेष सत्र: राठौड़ ने बताया कि सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और ई-गवर्नेंस नवाचारों पर तकनीकी सत्र किए जाएंगे. ‘AI in Policing’ विषय पर विशेष सत्र प्रमुख आकर्षण रहेगा. 42 एग्जिबिशन स्टॉल्स पर डिजिटल गवर्नेंस, एआई और स्मार्ट प्रशासन से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है. राजस्थान के 1100 से अधिक स्टार्टअप्स के विकसित हो रहे इनोवेशन इकोसिस्टम को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा. पर्यटन विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम कर देशभर से आए प्रतिनिधियों को राजस्थान की लोक संस्कृति से भी परिचित कराया जाएगा.

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बिना लीकेज सीधे खाते में पहुंच रहा पैसा : मंत्री कर्नल राठौड़ ने कहा कि पहले भी सरकारें काम करती थीं, लेकिन समय के साथ शासन व्यवस्था और निर्णय लेने के तरीके नही बदले हैं. आज की गवर्नेंस टेक्नोलॉजी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है, जहां सड़क, बिजली, डिजिटल नेटवर्क और डेटा सिस्टम विकास की नई आधारशिला बने हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद शासन व्यवस्था में तकनीक को केंद्र में रखा गया. आधार, मोबाइल और बैंकिंग सिस्टम को जोड़कर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को मजबूत किया गया. इससे सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचने लगा. डिजिटल भुगतान और कैश ट्रांसफर व्यवस्था ने पारदर्शिता बढ़ाई है. लीकेज को कम किया. आज तकनीक केवल सुविधा नहीं, बल्कि प्रशासन का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर बन चुकी है. ई-गवर्नेंस का उद्देश्य केवल सेवाएं देना नहीं, बल्कि उन्हें पहले से अधिक तेज, प्रभावी और स्मार्ट तरीके से लोगों तक पहुंचाना है.

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Last Updated : July 1, 2026 at 4:16 PM IST