झारखंड में 'SIR' की तैयारी शुरू, 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान वोटर्स की होगी 'पैतृक मैपिंग', बीएलओ की बढ़ी जिम्मेदारी
झारखंड में SIR कार्यक्रम की तैयारी को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि ने तैयारियों की समीक्षा के दौरान कई निर्देश और सुझाव दिए हैं.

Published : October 30, 2025 at 1:34 PM IST
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो चुकी है. सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और हेल्प डेस्क मैनेजर के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. गहन पुनरीक्षण के क्रम में 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं की 'पैतृक मैपिंग' का कार्य किया जाना है. इस दौरान मतदाताओं को कई सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि ने तैयारियों की समीक्षा के दौरान कई निर्देश और सुझाव दिए हैं.
वर्तमान मतदाताओं की होगी पैतृक मैपिंग
सीईओ ने इस बात पर जोर दिया है कि गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को कम से कम दस्तावेज समर्पित करने पड़े, इसके लिए 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाताओं की 'पैतृक मैपिंग' का कार्य तेजी से करना है. इसको लेकर सीईओ के. रवि कुमार ने निर्वाचन सदन से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और हेल्प डेस्क मैनेजर के साथ समीक्षा बैठक की.
पंचायत और वार्ड स्तर पर लगाए जाएंगे कैंप
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मैपिंग के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने को कहा है. निर्देश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी पंचायत स्तर पर और शहरी क्षेत्रों में सभी वार्ड स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएं. इन कैंपों में संबंधित मतदान केंद्रों के सभी बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ अनिवार्य रूप से शामिल हो. बीएलओ द्वारा 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं को श्रेणीवार अधिकतम भौतिक रूप से मैप किया जाना है.
उन्होंने आगे कहा कि भौतिक रूप से सत्यापित किए गए सभी श्रेणी के मतदाताओं का विवरण बीएलओ ऐप पर शत प्रतिशत दर्ज किया जाए और डिजिटल मैपिंग सुनिश्चित की जाए ताकि गहन पुनरीक्षण के कार्य के लिए त्रुटिरहित डेटा उपलब्ध हो सके.
'बुक ए कॉल विथ बीएलओ' की सुविधा मिलेगी
कैंप बनाते समय हाईस्पीड इंटरनेट की सुविधा का ध्यान रखना है. कैंप में जरूरत के हिसाब से कंप्यूटर ऑपरेटर्स को रखना है. क्योंकि गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की सफलता के लिए यह बेहद जरुरी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ECINET पर उपलब्ध 'बुक ए कॉल विथ बीएलओ' सुविधा की भी समीक्षा की. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं को बीएलओ से संपर्क कर अपने मतदाता पहचान पत्र और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी के लिए ऑनलाइन माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराई गई है: के. रवि कुमार, सीईओ
दरअसल, झारखंड में बीएलओ द्वारा इस सुविधा पर कम रिस्पोंस किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 'बुक ए कॉल विथ बीएलओ' की सुविधा का बेहतर प्रचार प्रसार करना है. इसके साथ ही जितने भी मतदाताओं के कॉल आए हैं उस पर रिस्पॉन्ड करते हुए संबंधित मामलों का निष्पादन करना है. समीक्षा बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार के अलावा ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और हेल्पडेस्क मैनेजर जुड़े हुए थे.
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