इंदौर पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, बोले- मध्य प्रदेश के BLO पर पूरे देश को नाज
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे पर निर्वाचन प्रक्रिया की जमीनी हकीकत और बीएलओ से संवाद करने इंदौर पहुंचे.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 4, 2026 at 6:10 PM IST
|Updated : July 5, 2026 at 9:50 AM IST
इंदौर: शनिवार को इंदौर पहुंचे देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अहिल्या माता की नगरी में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है. मां अहिल्याबाई के आशीर्वाद से वे मध्य प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों से संवाद करने के लिए आए हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के बूथ लेवल ऑफिसर्स ने जिस तरह से एसआईआर का काम किया है उस पर पूरे देश को नाज है.
देवी अहिल्या की नगरी इंदौर आना सौभाग्य की बात
मुख्य निर्वाचन आयुक्त आज पहली बार निर्वाचन की प्रक्रिया की जमीनी हकीकत और बीएलओ से संवाद करने इंदौर पहुंचे हैं. यहां उन्होंने एयरपोर्ट पर प्रेस से चर्चा में कहा देवी अहिल्या की नगरी इंदौर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की पूरी व्यवस्था में बूथ लेवल अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी और आधार स्तंभ होते हैं, क्योंकि वे सीधे मतदाताओं से जुड़े रहते हैं. वे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी तथा सुचारू रूप से संचालित करने में अहम भूमिका निभाते हैं.
बीएलओ ने बेहद समर्पण और जिम्मेदारी के साथ एसआईआर का काम किया
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि वे प्रदेश के मतदाताओं तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि चुनाव आयोग की पूरी टीम और विशेष रूप से बूथ लेवल अधिकारियों ने अत्यंत समर्पण, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ एसआईआर का काम किया है. उनके उत्कृष्ट कार्य पर पूरे देश को गर्व है. अपने संबोधन का समापन "जय भारत, जय हिंद" के उद्घोष के साथ किया.
मध्य प्रदेश के 39 जिलों ने 95% से ज्यादा विशेष गहन पनरीक्षण का काम समय से पहले ही कर दिया था जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे पहले किया गया कार्य है. इसके लिए ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स ने काफी मेहनत की और प्रदेश के कुल 5.73 करोड़ मतदाताओं के फॉर्म पहले चरण में ही कंप्लीट हो गए. इसके लिए 65014 ब्लॉक लेवल ऑफिसर ने नाम जोड़ने के लिए फॉर्म बांटे थे. इनमें से 3.27 करोड़ से ज्यादा फॉर्म अब डिजिटलाइज हो चुके हैं. यही स्थिति इंदौर को लेकर है. यहां सबसे पहले एसआईआर का काम पूरा किया गया है जिसको लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त खुश हैं.
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विशेष गहन पुनरीक्षण का सफलतापूर्वक अभियान
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि, ''निर्वाचन आयोग का विशेष ध्यान वृद्धजन, दिव्यांगजन, प्रवासी श्रमिक, अशिक्षित नागरिकों तथा वंचित समुदायों तक मतदाता सेवाएं पहुंचाने पर केंद्रित रहा है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे. साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी अपात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो. इसके लिये विशेष गहन पुनरीक्षण का सफलतापूर्वक अभियान चलाया गया.''

बीएलओ लोकतंत्र की रीढ़
उन्होंने कहा कि, ''निर्वाचन आयोग द्वारा सरल भाषा में दिशा-निर्देश, सोशल मीडिया जागरूकता अभियान, समाचार पत्र, एफएम रेडियो, व्हाट्सएप, पंचायत स्तरीय बैठकों एवं मोहल्ला सूचना अभियानों के माध्यम से व्यापक जनजागरण किया गया.'' ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ की भूमिका को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि, ''बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित करते हैं, नए मतदाताओं का पंजीयन करते हैं तथा मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट तथा अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी करते हैं.''

उन्होंने कहा कि भारत में चुनाव संचालन विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया है. देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं. देश में चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में 1 करोड़ 80 लाख चुनावकर्मी शामिल होते हैं. यह संख्या दुनिया की कई बड़ी सरकारी और निजी संस्थाओं से कहीं अधिक है.'' उन्होंने मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता समझाते हुए बताया कि, ''मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल, मतदान के दौरान पोलिंग एजेंट की उपस्थिति, फॉर्म 17-सी के माध्यम से रिकॉर्ड सत्यापन और मतगणना के दौरान एजेंटों की मौजूदगी भारत की चुनाव प्रणाली को अत्यंत विश्वसनीय बनाती है.''

