देवघर में 'जबरा फैन'! हर साल महेंद्र सिंह धोनी का बर्थ-डे खास तरीके से करते हैं सेलिब्रेट, जानें कौन हैं ये
देवघर में धोनी के फैंस की कमी नहीं है, लेकिन यहां एक ऐसे प्रशंसक हैं जो धोनी का जन्मदिन खास तरीके से मनाते हैं.

Published : July 7, 2026 at 2:29 PM IST
देवघर:भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा जुनून है. हर क्रिकेट प्रेमी का कोई न कोई पसंदीदा खिलाड़ी हैं, जिसके लिए वह सम्मान, प्रेम और समर्पण का भाव रखता है, लेकिन कुछ प्रशंसक ऐसे भी होते हैं जो अपने पसंदीदा खिलाड़ी के प्रति प्रेम को सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे समाजसेवा के माध्यम से जीते हैं.
आज भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कैप्टन कूल के नाम से प्रसिद्ध महेंद्र सिंह धोनी का जन्मदिन है. क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के करोड़ों प्रशंसक हैं, उनमें से एक प्रशंसक देवघर के छोटू कुमार हैं. देवघर के जसीडीह के रहने वाले छोटू कुमार एक साधारण चाय दुकानदार हैं, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी के प्रति उनकी दीवानगी उन्हें खास बनाती है. छोटू जसीडीह में धोनी टी स्टॉल के नाम से अपनी दुकान चलाते हैं.
धोनी के जन्मदिन पर लोगों को मुफ्त में पिलाते हैं चाय
छोटू खुद को धोनी का सबसे बड़ा प्रशंसक मानते हैं और हर वर्ष 7 जुलाई यानी धोनी के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाते हैं. इस वर्ष भी महेंद्र सिंह धोनी के जन्मदिन पर छोटू ने अपनी चाय की दुकान पर लोगों को मुफ्त में चाय पिला रहे हैं. इतना ही नहीं, देर शाम उन्होंने धोनी के नाम का केक काटकर गरीबों के बीच वितरित भी किया. साथ ही धोनी के जन्मदिन पर अपने खर्च पर जरूरतमंद लोगों को भोजन भी कराते हैं.
धोनी के जन्मदिन पर करते हैं समाजसेवा
छोटू बताते हैं कि धोनी का जन्मदिन उनके जीवन का सबसे खास दिन है. इस दिन वे अपना निजी काम छोड़कर पूरी तरह समाजसेवा में जुट जाते हैं. उनका मानना है कि अपने आदर्श के प्रति प्रेम दर्शाने का तरीका केवल शब्दों तक समिति नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद कर के भी हम अपना प्रेम और समर्पण दर्शा सकते हैं.

कैसे धोनी के प्रति लगाव शुरू हुआ
धोनी के प्रति उनका यह लगाव वर्ष 2007 के टी-20 विश्व कप से शुरू हुआ. छोटू कहते हैं कि फाइनल मुकाबले में जिस तरह महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी से पाकिस्तान को हराया और भारत को विश्व विजेता बनाया, वह पल आज भी उनके लिए अविस्मरणीय है. इसके बाद वर्ष 2011 के एक दिवसीय विश्व कप में धोनी की ऐतिहासिक पारी और विजयी छक्का उनकी यादों में हमेशा के लिए बस गया. उनका कहना है कि धोनी ने अपनी शांत कप्तानी, बेहतरीन निर्णय क्षमता और संघर्षशील खेल से भारत को कई यादगार जीत दिलाई है.
एक बार धोनी से मिलने का मिला था अवसर
छोटू कुमार ने बताया कि उन्हें एक बार रांची में एक शादी समारोह के दौरान महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का अवसर भी मिला था. उस मुलाकात में उन्होंने धोनी को अपनी चाय की दुकान पर आने का आग्रह किया था. हालांकि धोनी व्यस्तता के कारण नहीं आ सके, लेकिन उन्होंने भविष्य में किसी माध्यम से उनकी दुकान के प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का आश्वासन दिया था. छोटू आज भी उस मुलाकात को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं.

चाय दुकान में लगा रखी है धोनी की तस्वीर
स्थानीय लोगों का कहना है कि जसीडीह में छोटू की पहचान केवल चाय दुकानदार के रूप में नहीं, बल्कि धोनी के सबसे बड़े प्रशंसक के रूप में है. हर वर्ष 7 जुलाई को वे अपनी दुकान पर मुफ्त चाय पिलाते हैं और शाम को गरीबों के बीच भोजन वितरित करते हैं. उनकी दुकान पर महेंद्र सिंह धोनी की तस्वीर लगी है और वे हर दिन उसी तस्वीर को प्रणाम कर अपने दिन की शुरुआत और अंत करते हैं. दुकान पर आने वाले लगभग हर ग्राहक से धोनी की चर्चा जरूर होती है.

छोटू की धोनी के प्रति दीवानगी बनी मिसाल
भारत में महेंद्र सिंह धोनी के करोड़ों प्रशंसक हैं, लेकिन जसीडीह के छोटू कुमार यह साबित करते हैं कि सच्ची प्रशंसा केवल नारों या तस्वीरों तक सीमित नहीं होती. किसी व्यक्ति के प्रति सम्मान और समर्पण का सबसे सुंदर तरीका समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है. शायद यही कारण है कि छोटू की धोनी के प्रति दीवानगी आज पूरे देवघर में मिसाल बन चुकी है.
ये भी पढ़ें-
फैन का बनाया स्केच अपने साथ ले गए एमएस धोनी, फिर मांगने पर किया वापस, जानें पूरी कहानी

